- मुख्यमंत्री पशुधन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
- योग्य एवं इच्छुक लाभुकों को ही योजना का लाभ देने का निर्देश
Hazaribagh News: हजारीबाग के उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में बुधवार को पशुपालन विभाग एवं गव्य विकास विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में मुख्यमंत्री पशुधन योजना की अपडेट स्थिति सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई.
उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री पशुधन योजना के बेहतर एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों की आजीविका को सुदृढ़ करने एवं उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं पात्रता का विशेष ध्यान रखा जाए.
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उन्होंने कुक्कुट पालन, ब्रॉयलर-लेयर, सुकर पालन, बत्तख पालन, गाय पालन सहित पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए लाभुकों के चयन की प्रक्रिया को प्रखंड स्तरीय समिति के माध्यम से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि योजना का लाभ केवल योग्य एवं पात्र लाभुकों को ही मिले, इसके लिए चयन प्रक्रिया की गंभीरता से निगरानी की जाए.
बैठक में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लाभुकों के चयन एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने विशेष रूप से कहा कि सरकारी योजना का लाभ वास्तविक एवं जरूरतमंद पशुपालकों तक पहुंचे.
इसके अलावा उपायुक्त ने पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं तथा मोबाइल मेडिकल यूनिट की पशु चिकित्सा सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 1962 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस सुविधा का लाभ उठा सकें. बैठक में पशुपालन पदाधिकारी अरुण प्रताप सिंह, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी,संबंधित विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.
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