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Hazaribagh News: आजीविका विकास पर मंथन, उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर

Hazaribagh: दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत हजारीबाग नगर निगम के लिए तैयार किए जा रहे सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान (सीएलएपी) को लेकर सोमवार को फोकस ग्रुप डिस्कशन (एफजीडी) का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में महापौर अरविन्द कुमार, नगर निगम अधिकारियों, वार्ड पार्षदों, जेएसएलपीएस, जिला उद्योग केंद्र के प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, स्ट्रीट वेंडर्स एवं अन्य हितधारकों ने भाग लेकर शहर में आजीविका से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की.

 


बैठक में बताया गया कि सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान तैयार करने की प्रक्रिया पिछले चार महीनों से जारी है. इस दौरान नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण कर शहरी गरीब परिवारों, महिलाओं, युवाओं, स्ट्रीट वेंडर्स और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की आजीविका स्थिति का आकलन किया गया. फोकस ग्रुप डिस्कशन का उद्देश्य सर्वेक्षण से प्राप्त निष्कर्षों का जमीनी स्तर पर सत्यापन कर समुदायों की वास्तविक आवश्यकताओं को योजना में शामिल करना था.

 


चर्चा के दौरान युवाओं के लिए सीमित रोजगार अवसर और बाजार की मांग के अनुरूप कौशल की कमी प्रमुख मुद्दों के रूप में सामने आए. प्रतिभागियों ने मांग आधारित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने तथा प्रशिक्षण के साथ रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत बताई. स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आसान ऋण सुविधा, बाजार से जुड़ाव और व्यवसाय विकास सेवाओं पर भी जोर दिया गया.

 


स्ट्रीट वेंडर्स और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई. प्रतिभागियों ने इनके लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, वित्तीय सेवाओं तक पहुंच और व्यवसाय संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की. वहीं महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूहों, सूक्ष्म उद्यमों और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई.

 


बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने, सामुदायिक संस्थाओं को सशक्त करने और स्थानीय स्तर पर टिकाऊ आजीविका के अवसर विकसित करने पर बल दिया गया. फोकस ग्रुप डिस्कशन से प्राप्त सुझावों को सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान में शामिल किया जाएगा, ताकि रोजगार सृजन, आर्थिक समावेशन और उद्यमिता विकास के माध्यम से हजारीबाग के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके. कार्यक्रम का तकनीकी सहयोग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन अर्बन प्लानिंग एंड डिजाइन (सीओईयूपीडी), एनआईटी कालीकट द्वारा प्रदान किया गया.

 

 

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