Hazaribagh News : JMM के हजारीबाग जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के अंगरक्षक निरंजन महतो की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत का मामले को लेकर राजनीतिक गर्मा गई है. झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने इस मामले में सीधे तौर पर संजीव बेदिया पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अंगरक्षक की तैनाती से लेकर मौत की परिस्थितियों और कथित अवैध कारोबार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं.
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योगेंद्र साव ने सवाल किया कि आखिर एक पार्टी के जिलाध्यक्ष को सरकारी बॉडीगार्ड क्यों मुहैया कराया गया, जबकि पूर्व मंत्रियों को भी सुरक्षा के नाम पर महज एक बॉडीगार्ड दिया गया है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
योगेंद्र साव ने निरंजन महतो को गोली लगने की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए हैं. कहा कि यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या का प्रयास करता है, तो एक गोली से उसकी मौत हो सकती है. ऐसे में छह-सात गोलियां लगने से यह सवाल उठता है कि कोई व्यक्ति खुद पर इतनी गोलियां कैसे चला सकता है.
गौरतलब है कि निरंजन महतो का शव बड़कागांव थाना क्षेत्र के उरीमारी स्थित घर से गुरुवार की सुबह बरामद किया गया. वह हजारीबाग पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत थे और JMM जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के अंगरक्षक के रूप में तैनात थे. बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद के मुताबिक, पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है. योगेंद्र साव के आरोपों के बीच पुलिस जांच की निष्पक्षता और तथ्यों के सामने आने पर सबकी नजरें टिकी हैं.
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