Hazaribagh News : हजारीबाग पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर Tata Power EV Charging Station की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, Tata Power EV Charging Station के नाम से बनाए गए फर्जी दस्तावेज और आईडी कार्ड बरामद किए गए हैं.पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 को सूचना मिली थी कि बाबा पथ इलाके में कुछ लोग किराये के मकान में रह रहे हैं और उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं. सूचना के सत्यापन के बाद थाना स्तर पर छापेमारी टीम गठित की गई.
पुलिस टीम ने संदिग्ध रमेश कुमार सिन्हा के मकान की घेराबंदी कर छापेमारी की. इस दौरान कुछ लोग पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे, जिन्हें पुलिस बल की सहायता से पकड़ लिया गया. पूछताछ और तलाशी के दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए.
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे फर्जी दस्तावेज तैयार कर Tata Power EV Charging Station की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम की साइबर ठगी करते थे.पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरजीत कुमार (21), संजीव कुमार (19), संत कुमार (34), प्रवीन कुमार (51) और राजू कुमार (21) के रूप में की है. इनमें कुछ आरोपी बिहार के नवादा और नालंदा जिले से जुड़े बताए गए हैं.
मामले में सदर (बड़ा बाजार) थाना कांड संख्या 226/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस ने बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त कर लिया है.
बरामदगी में 11 मोबाइल फोन,1 लैपटॉप,Tata Power EV Charging Station के नाम से फर्जी दस्तावेज,फर्जी आईडी कार्ड मिले हैं l पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है.

