खतियान सही होगा तो रजिस्ट्री होगी रद्दः डीसी
Hazaribagh : हजारीबाग में सोमवार को एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला. 181 वर्षों बाद बड़ा अखाड़ा के महंत विद्यानंद दास भगवान की मूर्ति को गोद में लेकर नंगे पांव समाहरणालय पहुंचे. उन्होंने डीसी, एसपी व एसडीओ से मिलकर मठ-मंदिर की जमीन के विवाद व अवैध कब्जे की जानकारी देते हुए न्याय की गुहार लगाई. अधिकारियों ने भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया.
डीसी हेमंत सती ने कहा कि यदि खतियान में मठ-मंदिर का नाम दर्ज है, तो किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री या अवैध दस्तावेज जमीन के वास्तविक अधिकार को समाप्त नहीं कर सकता. जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने पर प्रशासन विधिसम्मत कार्रवाई करेगा. जरूरत पड़ने पर अवैध रजिस्ट्रेशन को भी रद्द किया जाएगा. मठ-मंदिर की जमीन को किसी को भी लूटने नहीं दिया जाएगा. इसमें यदि किसी अधिकारी की भूमिका गलत मिली, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी.
वहीं, एसपी अमन कुमार ने भी महंत को आश्वस्त किया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. यदि कोई व्यक्ति या समूह उन्हें परेशान कर रहा है, तो आवेदन दें, कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.महंत विद्यानंद दास ने अधिकारियों से मुलाकात के बाद संतोष जताया. कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की बातों से उन्हें विश्वास हुआ है कि अब मामले में ठोस कार्रवाई होगी और मठ-मंदिर की जमीन सुरक्षित रहेगी.
उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने अपने चेंबर में भगवान के दर्शन किए, प्रणाम किया, प्रसाद ग्रहण किया और यह भरोसा दिलाया कि भगवान की जमीन भगवान की ही रहेगी. अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि जमीन से जुड़े विवादों पर प्रशासनिक कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ती है.
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