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Hazaribagh News: शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर दी गई श्रद्धांजलि, बरही चौक का नाम बदलकर हुआ "शिबू सोरेन चौक"

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. यह श्रद्धांजलि सभा का कार्यक्रम "शिबू सोरेन चौक" पर आयोजित किया गया. जिसे पहले बरही चौक के नाम से जाना जाता था. हजारीबाग के उपायुक्त ने बरही चौका का नाम बदलकर आधिकारिक नाम "शिबू सोरेन चौक" घोषित किया.
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हजारीबाग जिले की खबरें

Hazaribagh: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. यह श्रद्धांजलि सभा का कार्यक्रम "शिबू सोरेन चौक" पर आयोजित किया गया. जिसे पहले बरही चौक के नाम से जाना जाता था. हजारीबाग के उपायुक्त ने बरही चौका का नाम बदलकर आधिकारिक नाम "शिबू सोरेन चौक" घोषित किया.

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पहली पुण्यतिथि पर शिबू सोरेन को दी गई श्रद्धांजलि 

 

इस अवसर पर झामुमो नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने गुरुजी के चित्र पर माल्यार्पण उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन, झारखंड आंदोलन और राज्य निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया.

 

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कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने की. इस मौके पर उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि झारखंड की पहचान, जल-जंगल-जमीन और आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों के सबसे बड़े योद्धा थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन शोषित, वंचित, गरीब, किसान और मजदूर वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए समर्पित कर दिया. झारखंड राज्य के गठन में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है.

 

उन्होंने कहा कि गुरुजी की प्रथम पुण्यतिथि के दिन बरही चौक का नामकरण "शिबू सोरेन चौक" किए जाने की घोषणा पूरे झारखंड आंदोलन और झारखंडी जनभावनाओं का सम्मान है. उन्होंने कहा कि यह केवल किसी चौक का नाम परिवर्तन नहीं है, बल्कि झारखंड आंदोलन के महानायक के संघर्ष, त्याग और योगदान को स्थायी रूप से स्मरण करने का प्रयास है.

 

जिला अध्यक्ष ने कहा कि शिबू सोरेन चौक आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाता रहेगा कि किस प्रकार गुरुजी ने दशकों तक झारखंडी अस्मिता, सामाजिक न्याय और राज्य के लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया. उन्होंने कहा कि गुरुजी के विचार और आदर्श आज भी करोड़ों झारखंडवासियों तथा झामुमो कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं.

 

इस मौके पर राज्य पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष जानकी यादव, जिला सचिव नीलकंठ महतो, केंद्रीय सदस्य गौरव पटेल, सुनील शर्मा, यासीन खान, राजा मोहम्मद, रामकिशोर मुर्मू, मो इजहार अंसारी,सोनाराम माँझी, विकास राणा,जिला उपाध्यक्ष रंजीत मेहता, नईम राही, जिला प्रवक्ता कुणाल यादव, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष पियूष बेदिया, सत्येंद्र मेहता, अख्तर अंसारी, दयानंद मेहता, सुनीता देवी, साजमा खातून, प्रखंड अध्यक्ष संजय सिंह, राजेश मेहता, उज्जवल सिंह, देवानंद कुमार, कुदुस अंसारी, लखनलाल महतो, नाजिर अंसारी, बिनेश पासवान, रवि सिंह, विक्की धवन, जगदीश चंद्र यादव, संजय प्रजापति, आनंद मरांडी, राजेश बेदिया, श्रीनाथ महतो, काली महतो, रामजय मेहता, संतोष मेहता, सिकंदर दास, विजय सिन्हा, श्वेता दुबे ,रोहित रजक, प्रसुल वर्मा, रंजीत कुमार, धर्मेन्द्र ठाकुर, अभिषेक मेहता, सिकंदर मेहता, धीरू रजक, संतोष मेहता, गंगेश्वर मेहता, आर के मेहता, तुलसी मेहता, प्रयाग मेहता, मनोहर राम, उमेश गुप्ता, मो आजाद, नंदू वीर, महेंद्र पंडित, समेत सैकड़ो की संख्या मे झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित थे.


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