Hazaribagh News: हुरहुरू जमीन विवाद के बीच आदिवासी रैयती जमीन पर कथित कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है, जिसके बाद सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के नेतृत्व में पीड़ित परिवार के सदस्य एवं प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात की. लोगों ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया और प्रशासन से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की.
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शिकायतकर्ता अमित सोरेन ने दावा किया कि उनके परिवार का वर्ष 1959 से संबंधित जमीन पर दखल-कब्जा है. उनके अनुसार, उनके दादा ने जमीन खरीदी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की ओर से उनकी जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है.
इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने कहा कि जमीन का इकरारनामा लिया हुआ है जिसका पूरा पैसा विभिन्न माध्यम से दिया गया है, जिसका प्रमाण है, आगे उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे का जो आरोप लगा रहे हैं एग्रीमेंट में उन लोगों का भी हस्ताक्षर है. ये लोग बिचौलिया के बहकावे में आकर साजिश का शिकार हो रहे हैं. जमीन से जुड़े हुए मामले में कागजात ही मूल प्रमाण होता है जो हमारे पास है.
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