Hazaribagh : जिले के बिशनगढ़ प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर पंचायत के चितरामो गांव निवासी प्रवासी मजदूर कारू सिंह 50 का शव रविवार सुबह महाराष्ट्र के कोल्हापुर से एंबुलेंस द्वारा पैतृक गांव लाया गया. शव के गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया.
इसी बीच ठेका कंपनी की ओर से उचित मुआवजा और बकाया वेतन नहीं भेजे जाने पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे. गुस्साए लोगों ने शव लेकर आई एंबुलेंस और ठेकेदार को बंधक बना लिया तथा एंबुलेंस को वापस लौटने से रोक दिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी ने न तो किसी प्रकार की आर्थिक सहायता दी और न ही मजदूर का बकाया भुगतान किया.
मामले की जानकारी मिलने पर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर कंपनी से वार्ता की. उप प्रमुख सरजू साव ने बताया कि करीब 24 घंटे तक चले गतिरोध के बाद कंपनी ने मृतक की पत्नी के बैंक खाते में 16 लाख रुपये मुआवजा राशि भेजी. इसके बाद आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर एंबुलेंस और चालकों को मुक्त कर दिया गया.
उन्होंने यह भी कहा कि श्रम विभाग से मिलने वाली अन्य सहायता राशि दिलाने के लिए भी हर संभव प्रयास किया जाएगा. इस दौरान जेएलकेएम जिलाध्यक्ष सह उप प्रमुख सरजू साव, समाजसेवी सिकंदर अली, पूर्व जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश पटेल समेत कई लोग मौजूद रहे.
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