Ranchi: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड की कानून-व्यवस्था और हजारीबाग के विष्णुगढ़ में एक बच्ची के साथ हुई वीभत्स घटना को लेकर कड़ा रोष जताया. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और अपराधियों का बोलबाला है.
उन्होंने बताया कि हजारीबाग जिला के बरकठा प्रखंड के कुशांबो गांव में मंगलवारी जुलूस के दौरान एक बच्ची का अपहरण कर लिया गया. अपहरण के बाद बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया और उसके साथ बेहद बर्बरता की गई. उन्होंने कहा कि बच्ची की दोनों आंखें निकाल ली गईं, जीभ काट दी गई और दांत तोड़ दिए गए, जो बेहद दर्दनाक और शर्मनाक घटना है.
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आदित्य साहु ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के बाद सरकार की ओर से कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई. उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची का शव चार दिनों तक खटिया पर प्लास्टिक में लिपटा रहा, लेकिन कोई सरकारी प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा. उन्होंने बताया कि बच्ची के पिता महाराष्ट्र में मजदूरी करते थे, जिन्हें भाजपा नेताओं ने हवाई जहाज का टिकट करवाकर घर बुलवाया ताकि वह अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें.
उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही वह खुद, हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल, विधायक डॉ. प्रदीप प्रसाद, अमित यादव, राजकुमार चौधरी और नागेंद्र महतो के साथ रामनवमी का त्यौहार छोड़कर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे.
साहु ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों पर ट्वीट करने वाले मुख्यमंत्री ने इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. उन्होंने कांग्रेस नेताओं के दौरे को दिखावा बताते हुए कहा कि भाजपा द्वारा आवाज उठाने और हजारीबाग बंद के बाद ही सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता पीड़ित परिवार के पास पहुंचे और एक लाख रुपये का मुआवजा दिया गया.
उन्होंने कहा कि भाजपा दुख की घड़ी में सेवा भाव से काम करती है, प्रचार के लिए नहीं. साथ ही जेएमएम और कांग्रेस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि अगर पीड़ित परिवार की मदद करना राजनीति है, तो भाजपा ऐसी राजनीति करती रहेगी.
आदित्य साहु ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो दिनों के भीतर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो 2 तारीख को झारखंड के सभी प्रखंड और जिला मुख्यालयों पर भाजपा कार्यकर्ता मशाल जुलूस निकालेंगे. इसके बाद 3 तारीख को पूरे झारखंड में पूर्ण बंद रखा जाएगा.
उन्होंने मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. उन्होंने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने के लिए हाईकोर्ट का आभार भी जताया और कहा कि कोर्ट के हस्तक्षेप के कारण ही डीजीपी और संबंधित अधिकारियों को तलब किया गया है.
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