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रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय का ना तो भवन बना ना ही पाठ्यक्रम

Ranchi: राज्य सरकार ने 206.54 करोड़ की लागत से खूंटी में रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के नये भवन के निर्माण की स्वीकृति दी. निर्माण शुरू हुआ. लेकिन विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम की समीक्षा के लिए समिति की अनुशंसा पर निर्माण बंद कर दिया गया.  इसके बाद से ना तो विश्वविद्यालय के लिए अत्याधुनिक पाठ्यक्रम बना ना ही विश्वविद्यालय का भवन राज्य के युवाओं के प्रशिक्षित कर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार दिलाने के उद्देश्य से सरकार ने वर्ष 2016 में रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय बनाया. 

 

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के नियंत्रण वाले इस विश्वविद्यालय के लिए खूंटी में भवन बनाने का फैसला किया गया. इसके तहत वर्ष 2017 में 206.54 करोड़ रुपये की लागत से खूंटी में नया विश्वविद्यालय भवन बनाने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी. विश्वविद्यालय भवन के निर्माण कार्य को दो चरणों में पूरा किया जाना था. 

 

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                                 खूंटी में रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के अधूरे नये भवन की तस्वीर 

 

पहले चरण में प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, लाइब्रेरी और हॉस्टल का निर्माण किया जाना था. बाकी भवनों का निर्माण दूसरे चरण में करने का फैसला किया गया.

 

इस फैसले के आलोक में टेंडर प्रकाशित किया गया. टेंडर के निपटाने के बाद जून 2018 में ठेकेदार से पहले चरण के भवनों के निर्माण के लिए एकरारनामा किया गया. एरकारनामा के अनुसार, ठेकेदार को दो साल में 107.08 करोड़ की लागत पर पहले चरण के भवनों का निर्माण करना था. 

 

लेकिन विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम की समीक्षा करने के उद्देश्य से बनी उच्च स्तरीय समिति ने दिसंबर 2020 में विश्वविद्लाय के नये भवन के निर्माण का काम स्थगित करने की अनुशंसा की, ताकि नये पाठ्यक्रम के हिसाब से विश्वविद्यालय के शैक्षणनिक सहित अन्य भवनों का निर्माण किया जा सके.

 

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                                  जुलाई 2021 में विश्वविद्यालय के भवन निर्माण का काम बंद के बाद की तस्वीर 

 

इस उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसा के आलोक में जुलाई 2021 में विश्वविद्यालय के भवन निर्माण का काम बंद कर दिया गया. इसके बाद भवन निर्माण का काम शुरू करने के लिए सरकार के स्तर पर कोई फैसला नहीं किया गया. इसकी वजह से विश्वविद्यालय के पहले चरण के भवनों के निर्माण का काम उसी वक्त से बंद है. निर्माण के अधूरे काम पर 12.10 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं.

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