- राज्य सरकार और JNAC से मांगा जवाब
- JNAC ने 25 मार्च को लक्ष्मी मेन्शन खाली करने व ध्वस्तीकरण का आदेश किया था पारित
- जमशेदपुर डीसी वर्चुअल रूप से कोर्ट में हुए हाजिर
Ranchi : जमशेदपुर स्थित लक्ष्मी मेंशन इमारत के जीर्ण-शीर्ण और खतरनाक हालात के मद्देनजर इसे तोड़ने के संबंध में झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार एवं जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी (JNAC) से जवाब मांगा है. कोर्ट ने इस संबंध में दोनों को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान जमशेदपुर डीसी वर्चुअल रूप से कोर्ट में हाजिर हुए.
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की कोर्ट ने उनसे जानना चाहा कि जब दो माह पूर्व में ही JNAC ने इसे तोड़ने का आदेश पारित किया था तो अब तक इसे क्यों नहीं तोड़ा गया है? लक्ष्मी मेंशन तोड़ने के लिए एक्शन क्यों नहीं लिया? जिस पर जमशेदपुर डीसी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि लक्ष्मी मेंशन में रहने वाले कुछ किराएदारों ने अब तक घर खाली नहीं किया है. इस संबंध में कोर्ट का जो आदेश होगा उसका अनुपालन किया जाएगा.
मामले में राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने पक्ष रखा. अपर महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार एवं NIT जमशेदपुर ने लक्ष्मी मेंशन इमारत के जीर्ण-शीर्ण और खतरनाक स्थिति होने पर अपनी रिपोर्ट दी थी. बाद में JNAC ने 25 मार्च 2026 को इमारत खाली करने व ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया है.
इस खतरनाक भवन को तोड़ने की ड्यूटी JNAC के पास है. यहां बता दें कि सुनवाई के दौरान मामले में प्रतिवादी बनाए गए लक्ष्मी मेंशन इमारत के पास किराएदारों को भी कोर्ट ने बुलाया था. याचिकाकर्ता दुमकेश्वर महतो की ओर से बताया गया था कि लक्ष्मी मेंशन कभी भी गिर सकती है. ऐसे में JNAC के 25.03.2026 के इस इमारत खाली करने व ध्वस्तीकरण का आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए.
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