Search

 
 
 

HC ने JSSC से पूछा- पहली मेरिट लिस्ट में ही पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थी थे, तो दूसरी सूची क्यों जारी की

महिला सुपरवाइजर नियुक्ति प्रक्रिया में पहली मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को नियुक्ति से बाहर किए जाने से संबंधित कुमारी सोनम एवं 22 अन्य की याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई.
 
  • 131 पद के रिक्त रहने के बावजूद प्रार्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर क्यों रखा गया
  • महिला सुपरवाइजर के 444 पदों के लिए  निकला था विज्ञापन

Ranchi : महिला सुपरवाइजर नियुक्ति प्रक्रिया में पहली मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को नियुक्ति से बाहर किए जाने से संबंधित कुमारी सोनम एवं 22 अन्य की याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई.

 


 
मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से जानना चाहा है कि जब पहली मेरिट लिस्ट में ही पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थी थे, तो दूसरी सूची जारी कर उसमें शामिल अभ्यर्थियों की नियुक्ति कैसे की गई. 131 पद अब भी रिक्त रहने के बावजूद प्रार्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर क्यों रखा गया.

 

वहीं, सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि महिला सुपरवाइजर के 444 पदों के लिए विज्ञापन निकला था. पहली मेरिट लिस्ट में 521 को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया था, यह 4 जून 2025 को हुआ था. याचिका में प्रार्थी की ओर से कहा गया कि सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया.

 

इसके बाद आयोग ने दूसरी मेरिट लिस्ट जारी कर 131 अन्य अभ्यर्थियों को शामिल कर लिया. पहली सूची में नाम होने के बावजूद उनकी नियुक्ति नहीं की गई, जबकि दूसरी सूची के अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई, जो न्यायसंगत नहीं है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही