- IAS पूजा सिंघल को नियुक्त किया है राज्य का एजुकेटिंग ऑफिसर
- PIL निष्पादित
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने साइबर क्राइम से जुड़े मामलों के लिए एजुकेटिंग अफसर से संबंधित जानकारियां आम लोगों तक पहुंचाने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है. कोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार को 6 माह में अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट ने सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए इससे संबंधित जनहित याचिकी निष्पादित कर दी.
इससे पहले राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि केंद्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन निकाला था जिसके तहत राज्य का एजुकेटिंग ऑफिसर वह होगा जो राज्य के आईटी विभाग का सचिव होगा. इस नाते साइबर क्राइम से संबंधित मामलों के समाधान के लिए राज्य सरकार ने भी एजुकेटिंग ऑफिसर नियुक्त किया है.
राज्य सरकार ने 2 सितंबर 2025 को आईटी सचिव होने के नाते पूजा सिंघल को एजुकेटिंग ऑफिसर नियुक्त किया है. सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि संबंधित मामलों के निपटारे के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी तैयार किया गया है. हालांकि अभी उसमें कुछ संशोधन भी किया जा रहा है.
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार को एजुकेटिंग अफसर के संबंध में प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. कहा कि लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाएं की एजुकेटिंग ऑफिसर का ऑफिस कहां है, किस प्रकार साइबर क्राइम से संबंधित मामले प्रस्तुत किए जा सकते हैं.
इस संबंध में बैनर, समाचार पत्र इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों आदि से लोगों तक जानकारी पहुंचाएं. वर्कशॉप, जागरूकता अभियान के माध्यम से भी एजुकेटिंग ऑफिसर के कार्यों, उनके ऑफिस, साइबर से संबंधित मामलों के निपटारे आदि के संदर्भ में जानकारी दी जाए.
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