Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने चाईबासा सदर अस्पताल ब्लड बैंक में नाबालिग बच्चों को कथित रूप से एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को जांच की प्रगति पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.
इस संबंध में दीपिका हेम्ब्रम एवं अन्य द्वारा दायर याचिका में एफआईआर दर्ज करने और विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की गई थी. सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इस मामले में 6 फरवरी 2026 को एफआईआर संख्या 18/2026 दर्ज की जा चुकी है. हालांकि, राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ता जांच की वर्तमान स्थिति की जानकारी नहीं दे सके.
हाईकोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी
इस पर न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल FIR दर्ज होना पर्याप्त नहीं है. कहा कि कई छोटे बच्चों को HIV संक्रमित रक्त चढ़ाया जाना अत्यंत गंभीर मामला है, जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है, इसलिए इस आपराधिक कृत्य के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाना आवश्यक है.
हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा दाखिल जवाब केवल FIR दर्ज होने तक सीमित है. जांच की वर्तमान स्थिति की जानकारी ना होने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकारी वकील को अब तक हुई जांच की जानकारी भी नहीं है.
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मामले की जांच की प्रगति संबंधी विस्तृत जानकारी के साथ पूरक हलफनामा दाखिल किया जाए. मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शादाब अंसारी ने पक्ष रखा.
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