Ranchi News : जरमुंडी मौजा में जमीन पर कथित अतिक्रमण और निर्माण मामले में अमर मंडल एवं अन्य प्रतिवादियों को हाईकोर्ट से झटका लगा है. झारखंड हाईकोर्ट ने दुमका जिले के जरमुंडी मौजा में जमीन पर कथित अतिक्रमण और निर्माण से जुड़ी शिकायत पर उपायुक्त, दुमका को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने उपायुक्त को शिकायत पर कार्रवाई के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है.
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मामले की सुनवाई हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में हुई. याचिकाकर्ता राज कुमार श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि जरमुंडी मौजा स्थित कुल 2 एकड़ 11 डिसमिल जमीन, जिस पर उनका कब्जा है, पर प्रतिवादियों अमर मंडल एवं अन्य द्वारा अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है.
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि संबंधित जमीन पर निर्माण की जानकारी सक्षम अधिकारियों को दी गई थी. जरमुंडी के अंचल अधिकारी ने भी थाना प्रभारी को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद निर्माण की शिकायत बनी हुई है. यह भी बताया गया कि दुमका के उपायुक्त को भी कथित अवैध निर्माण की जानकारी दी गई है.
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता की शिकायत पहले ही संबंधित अधिकारियों, जिसमें उपायुक्त, दुमका भी शामिल हैं, के संज्ञान में लाई जा चुकी है. हाईकोर्ट ने याचिका निष्पादित करते हुए उपायुक्त को निर्देश दिया कि आदेश की प्रति प्राप्त होने या प्रस्तुत किए जाने की तारीख से तीन सप्ताह के भीतर कानून के अनुरूप याचिकाकर्ता की शिकायत पर कार्रवाई करें.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में अमर मंडल की याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अमर मंडल के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति दे दी है. मंडल ने एक ट्रक अवैध कोयले की ढुलाई के आपराधिक मामले में बरी होने के आधार पर ईडी की कार्रवाई को बंद करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. अवैध कोयला ढुलाई के आरोप में वर्ष 2019 में पोडैयाहाट थाने में प्राथमिकी (7/2019) दर्ज की गयी थी. इसी के आधार पर ईडी ने ECIR दर्ज की थी.
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