Ranchi : राज्य के जेल में बंद कैदियों की आधी या एक तिहाई सजा काट लिए जाने वाले कैदियों की रिहाई से संबंधित जनहित याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को हुई. मामले में राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल किया गया. साथ ही राज्य के जेल में बंद आधी सजा या एक तिहाई सजा काट लिए जाने वाले कैदियों का आंकड़ा प्रस्तुत किया गया.
सरकार की ओर से दायर शपथ पत्र में राज्य के विभिन्न जिलों के जेल में बंद आधी या एक तिहाई सजा काट लेने वाले 333 कैदियों का विवरण दिया गया है. इनमें गुमला जेल में 77, जामताड़ा जेल में 2, कोडरमा जेल में 2, लातेहार जेल में 43, लोहरदगा जेल में 23, पाकुड़ जेल में 14, साहिबगंज जेल में 8, साकची (जेएसई) जेल में 2, सरायकेला जेल में 25, सिमडेगा जेल में 20, हजारीबाग जेल में 1, घाटशिला जेल में 27, खूंटी जेल में 53, मधुपुर जेल में 7, राजमहल जेल में 14, रामगढ़ जेल में 11, तेनुघाट (बोकारो) जेल में 4 कैदी शामिल हैं.
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले में सरकार को निर्देश दिया कि वह प्रार्थी को ऐसे कैदियों का आंकड़ा सॉफ्ट कॉपी के रूप में उपलब्ध कराए. कोर्ट ने प्रार्थी को इसका अध्ययन कर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया.
सरकार की ओर से अधिवक्ता शहाबुद्दीन ने पक्ष रखा. अगली सुनवाई 30 अप्रैल को होगी. बता दें कि मामले को लेकर स्टेन स्वामी एवं अन्य की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई.
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य के जिलों में बंद आधी सजा या एक तिहाई सजा काट लिए जाने वाले कैदियों के मामले को राज्य सजा पुनरीक्षण बोर्ड के समक्ष रखने और इसपर विचार करने को कहा था.
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