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HC ने रद्द किया NDPS के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन आदेश, बंदी की रिहाई का निर्देश

झारखंड हाईकोर्ट ने मिथिलेश तिवारी के एनडीपीएस से जुड़े मामले में उनपर लगाए गए प्रिवेंटिव डिटेंशन के आदेश को रद्द करते हुए उनकी तत्काल रिहाई का निर्देश दिया. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने की.
 
  • 8 साल के अंतराल का बना कारण

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने मिथिलेश तिवारी के एनडीपीएस से जुड़े मामले में उनपर लगाए गए प्रिवेंटिव डिटेंशन के आदेश को रद्द करते हुए उनकी तत्काल रिहाई का निर्देश दिया. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने की.  

 

खंडपीठ ने कहा कि प्रिवेंटिव डिटेंशन आदेश के लिए पर्याप्त आधार नहीं है. इसलिए 13 मई 2025 का प्रिवेंटिव डिटेंशन आदेश और 29 जुलाई 2025 की पुष्टि आदेश दोनों को रद्द और निरस्त किया जाता है. खंडपीठ ने आदेश दिया कि मिथिलेश तिवारी को तुरंत रिहा किया जाए, यदि वे किसी अन्य मामले में वांछित न हों.


हाईकोर्ट ने क्या कहा-

खंडपीठ ने कहा कि दोनों मामलों के बीच लगभग 8 साल का अंतर है. इस अवधि में आरोपी के खिलाफ कोई अन्य मामला दर्ज नहीं हुआ. वर्ष 2024 के मामले में बरामदगी NBWA के निष्पादन के दौरान हुई थी, जो केवल आपराधिक मुकदमे का आधार हो सकता है, प्रिवेंटिव डिटेंशन का नहीं. वही

 

2016 के मामले में आरोपी को ट्रायल कोर्ट ने 19 सितंबर 2025 को बरी कर दिया. खंडपीठ ने कहा कि प्रिवेंटिव डिटेंशन के लिए आवश्यक “लाइव और प्रॉक्सिमेट लिंक” यानी पिछले आचरण और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे के बीच सीधा संबंध साबित नहीं किया जा सका.

 

क्या था मामला

मिथिलेश तिवारी के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की रिपोर्ट के आधार पर 13 मई 2025 को केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने PITNDPS Act, 1988 की धारा 3(1) के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन का आदेश जारी किया था.

 

इसके तहत उन्हें हजारीबाग के लोकनायक जयप्रकाश नारायण सेंट्रल जेल में रखा गया था. बाद में 29 जुलाई 2025 को केंद्र सरकार ने इस आदेश की पुष्टि करते हुए उन्हें 2 जून 2025 से एक वर्ष तक हिरासत में रखने का आदेश दिया.

 

दो मामलों के आधार पर कार्रवाई

एनसीबी ने प्रिवेंटिव डिटेंशन के लिए दो मामलों का हवाला दिया था. इसमें NCB केस संख्या 01/2016 – चौपारण स्थित तिवारी होटल से 102 किलो पोस्ता भूसी बरामदगी का मामला तथा NCB केस संख्या 02/2024 – आरोपी के पास से 275 ग्राम अफीम और एक लाख रुपये नकद बरामद होने का आरोप था.

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