Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

HC ने की टिप्पणी- झारखंड पुलिस का रवैया सुस्त, लातेहार पुलिस अनुसंधान को नहीं दे सकी है सही दिशा

लातेहार पुलिस द्वारा एक युवक को उठा लिए जाने के बाद करीब 3 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चलने को झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है. हेवियस कार्पस के इस मामले में झारखंड पुलिस पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा कि झारखंड पुलिस का रवैया सुस्त है.
Advertisement
Advertisement
  • लातेहार पुलिस द्वारा युवक को तथाकथित रूप से उठाने का मामला
  • पुलिस का रवैया नहीं सुधरा तो हेवियस कार्पस के सभी मामले की जांच CBI को देनी पड़ सकती है

Ranchi: लातेहार पुलिस द्वारा एक युवक को उठा लिए जाने के बाद करीब 3 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चलने को झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है. हेवियस कार्पस के इस मामले में झारखंड पुलिस पर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा कि झारखंड पुलिस का रवैया सुस्त है. 

 

मौखिक कहा कि पुलिस का रवैया नहीं सुधरा तो हेवियस कार्पस के सभी मामले की जांच सीबीआई को देनी पड़ सकती है. बोकारो पुलिस की अनुसंधान की स्थिति कोर्ट ने पूर्व में भी देखी है, जहां वर्ष 2020 में गायब हुई युवती के एक मामले में कोर्ट की सख्ती के बाद जब पुलिस के अनुसंधान में तेजी आई तो पता चला कि वर्ष 2021 में युवती का मर्डर हो गया है. 

 

लातेहार में जनवरी 2026 में भी युवक के गायब होने मामले में तीन माह बीतने के बाद भी पुलिस अब तक उसका पता नहीं कर सकी है. कोर्ट ने मामले में लातेहार पुलिस द्वारा दाखिल जवाब को संतोषजनक नहीं माना. साथ ही लातेहार पुलिस को मामले में फ्रेश शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता आशुतोष रंजन कुमार ने पक्ष रखा.
 

सुनवाई के दौरान लातेहार पुलिस द्वारा युवक के लातेहार के नक्सली संगठन से जुड़े होने की बात कही गई. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई.  पिछली सुनवाई में लातेहार एसपी कोर्ट में हाजिर हुए थे.

 

कोर्ट ने उनसे पूछा था कि तीन माह हो गए और युवक अब तक कहां है इसकी जानकारी नहीं हो सकी है. कोर्ट ने मौखिक कहा कि लगता है इस मामले को जांच के लिए किसी स्वतंत्र एजेंसी को देना पड़ सकता है. 
 

क्या है मामला

युवक के पिता का कहना है कि 15 जनवरी 2026 को रात 2:00 बजे लातेहार पुलिस उनके पुत्र दिलीप कुमार को उठाकर ले गई थी और दूसरे दिन उनके थाना पहुंचने पर उन्हें भगा दिया गया. इसके बाद उन्होंने लातेहार एसपी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं आया. बाद में उन्होंने लातेहार में सीजेएम के समक्ष शिकायतवाद दर्ज कराई थी.

 

उस दौरान पुलिस ने युवक के पिता को बुलाया था और उनसे एक ब्लैंक कागज पर साइन करा लिया था. जिसके आधार पर एक फर्जी प्राथमिकी तैयार किया गया जिसमें कहा गया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनके बेटे को घर से जबरदस्ती उठा लिया है. इसमें उनके छोटे बेटे का भी फर्जी हस्ताक्षर था. इस फर्जी हस्ताक्षर वाले पेपर के आधार पर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट सीजेएम कोर्ट में प्रस्तुत की थी जिसके आधार पर सीजेएम कोर्ट ने इस मैटर को ड्रॉप कर दिया था.

 

पुलिस का कहना है कि युवक दिलीप कुमार के खिलाफ 9 केस दर्ज हैं वह आपराधिक गिरोह मयंक सिंह और राहुल सिंह से जुड़ा हुआ है. इस गिरोह के सदस्य विदेश भी भाग जाते हैं. ऐसे में युवक कही दूसरी जगह भाग गया होगा, उसे खोजने का प्रयास किया जा रहा है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही