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पहाड़िया समुदाय के मौलिक अधिकारों के हनन पर HC सख्त, आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Ranchi: हाईकोर्ट ने साहिबगंज जिले में पहाड़िया जनजाति के लोगों को त्योहार मनाने, राशन, पानी, इलाज और शिक्षा से वंचित किए जाने के गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाया है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की कोर्ट ने इस मामले में नामजद आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी.
 
  • नामजद आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Ranchi: हाईकोर्ट ने साहिबगंज जिले में पहाड़िया जनजाति के लोगों को त्योहार मनाने, राशन, पानी, इलाज और शिक्षा से वंचित किए जाने के गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाया है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की कोर्ट ने इस मामले में नामजद आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी.


कोर्ट ने समझौता याचिका को भी यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पीड़िता पर दबाव डालकर समझौता कराया गया प्रतीत होता है. कोर्ट ने पुलिस और जिला प्रशासन की गंभीर लापरवाही पर भी कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि इतने गंभीर मामले में अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना चिंताजनक है. 


उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक, साहिबगंज को पहाड़िया समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने, खाद्यान्न, पानी, चिकित्सा और अन्य बुनियादी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने का आदेश दिया. 

 

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ और जनजातीय समुदाय के दमन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और संबंधित विभागों को पूरे साहिबगंज जिले तथा दुमका प्रमंडल में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिया.

 

दरअसल यह मामला बरहरवा थाना कांड संख्या 79/2025 से जुड़ा है, जिसमें होली पर्व के दौरान पहाड़िया समुदाय को कथित रूप से धमकाने, जातिसूचक गाली देने, महिलाओं से छेड़छाड़ करने और सामूहिक बहिष्कार के आरोप लगाए गए हैं.

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