- अदालत ने पूछा-एरियर की राशि बैंक के माध्यम से याचिकाकर्ता के खाते में क्यों जमा नहीं की गई?
Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने पारिवारिक पेंशन के एरियर भुगतान में देरी पर गंभीर रुख अपनाया है. न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने गांगी देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए लोहरदगा के संबंधित ट्रेजरी ऑफिसर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिजीत कुमार सिंह और अधिवक्ता सूर्य हर्ष मिश्रा ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता के पति का वर्ष 2022 में निधन हो गया था, जिसके बाद उसी वर्ष से पारिवारिक पेंशन मिलनी शुरू हो गई. हालांकि पेंशन संशोधन के कारण देय एरियर राशि का अब तक भुगतान नहीं किया गया है.
कोर्ट ने पाया कि एरियर की राशि का बैंक द्वारा पहले ही निर्धारण किया जा चुका है, जिसका उल्लेख याचिका के अनुलग्नक-7 में है. इसके बावजूद राशि लाभुक के खाते में जमा नहीं की गई. कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला विभागों के बीच समन्वय का प्रतीत होता है. लेकिन कारण चाहे जो भी हो, किसी भी लाभार्थी को पारिवारिक पेंशन के एरियर के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं कराया जा सकता.
कोर्ट ने प्रतिवादी संख्या-7 (ट्रेजरी ऑफिसर) लोहरदगा को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने का निर्देश दिया कि एरियर की राशि बैंक के माध्यम से याचिकाकर्ता के खाते में क्यों जमा नहीं की गई.
साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अगली सुनवाई से पहले कम-से-कम स्वीकार्य (Admitted) एरियर राशि का भुगतान कर दिया जाता है, तो ट्रेजरी ऑफिसर की व्यक्तिगत उपस्थिति स्वतः समाप्त मानी जाएगी.
मामले की अगली सुनवाई अब 10 अगस्त को होगी. इसके अलावा अदालत ने याचिकाकर्ता द्वारा दायर आई.ए. को स्वीकार करते हुए प्रतिवादी संख्या-6 (AGM Centralized Pension Processing Centre, SBI, Patna) और याचिका के पैरा-17 में आवश्यक संशोधन करने की अनुमति भी प्रदान की.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment