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HC का फैसला: बिजली उपभोक्ताओं को वापस मिलेगा वसूला गया अतिरिक्त शुल्क

झारखंड हाई कोर्ट ने बिजली बिलों को लेकर एक ऐसा बड़ा फैसला सुनाया है, जिससे राज्य के आम उपभोक्ताओं और उद्योगों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने वाली है.
 

Ranchi : झारखंड हाई कोर्ट ने बिजली बिलों को लेकर एक ऐसा बड़ा फैसला सुनाया है, जिससे राज्य के आम उपभोक्ताओं और उद्योगों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने वाली है. कोर्ट ने वर्ष 2021 में सरकार द्वारा बिजली शुल्क के नियमों में किए गए संशोधन को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है. 

 

दरअसल वर्ष 2021 में राज्य सरकार ने नियमों में बदलाव कर बिजली शुल्क को यूनिट के बजाय नेट चार्जेस के आधार पर वसूलना शुरू किया था. इससे उपभोक्ताओं के बिलों में काफी बढ़ोतरी हो गई थी.

 

हाई कोर्ट ने अब स्पष्ट कर दिया है कि बिजली शुल्क केवल यूनिट के आधार पर ही लिया जा सकता है किसी अन्य शुल्क के आधार पर नहीं. हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद पिछले चार सालों में वसूला गया अतिरिक्त बिजली शुल्क अवैध हो गया है.

 

उपभोक्ताओं ने जितना अतिरिक्त शुल्क चुकाया है उसका लगभग 90 प्रतिशत उन्हें रिफंड के रूप में वापस मिलेगा. झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस निर्णय का स्वागत किया है.

 

चैंबर के लीगल सेल के चेयरमैन देवेश अजमानी ने इसे कानून की जीत बताते हुए सरकार से मांग की है कि रिफंड की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू की जाए. 

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