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Health News :दिल का वाल्व था खराब, रिम्स के डॉक्टरों ने सर्जरी कर बचाई जान

पलामू की रहने वाली महिला पिछले कई महीनों से लगातार बुखार, सांस फूलने व दिल की धड़कन तेज होने की समस्या से परेशान थी. हालत गंभीर होने पर उसे रिम्स के मेडिसिन विभाग से सीटीवीएस विभाग में भेजा गया.
 
महिला का ऑपरेशन करती रिम्स के डॉक्टरों की टीम.

Ranchi : राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रांची के रिम्स के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग ने एक जटिल ओपन हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक की है. डॉक्टरों ने 35 वर्षीय महिला की सर्जरी कर नई जिंदगी दी है. यह पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त में किया गया.

 

पलामू की रहने वाली महिला पिछले कई महीनों से लगातार बुखार, सांस फूलने व दिल की धड़कन तेज होने की समस्या से परेशान थी. हालत गंभीर होने पर उसे रिम्स के मेडिसिन विभाग से सीटीवीएस विभाग में भेजा गया.

 

जांच में पता चला कि महिला इन्फेक्टिव एंडोकार्डाइटिस नाम की गंभीर हृदय बीमारी से पीड़ित थी. इस बीमारी के कारण उसके दिल के माइट्रल वाल्व में बड़ा संक्रमण हो गया था और वाल्व लगभग खराब हो चुका था. उसकी स्थिति इतनी गंभीर थी कि उसे हाई-फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था.

 

डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला लिया. आयुष्मान योजना के तहत जरूरी सर्जिकल सामग्री उपलब्ध कराई गई और सोमवार को सफल ओपन हार्ट सर्जरी की गई. ऑपरेशन के दौरान दिल में जमा संक्रमित उत्तक को हटाया गया और खराब हो चुके माइट्रल वाल्व की जगह कृत्रिम वाल्व लगाया गया. फिलहाल महिला की स्थिति स्थिर बताई जा रही है. डॉक्टरों के अनुसार, उसकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है.

 

इस सर्जरी का नेतृत्व सीटीवीएस विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. पंकज बोदरा के मार्गदर्शन में डॉ. राकेश चौधरी ने किया. ऑपरेशन में एनेस्थीसिया, आईसीयू और नर्सिंग टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

 


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