Latehar: मनिका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित महिला बंध्याकरण ऑपरेशन (ट्यूबल लिगेशन) के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है. बुधवार को ऑपरेशन के बाद समुचित इलाज, निगरानी और विश्राम की व्यवस्था नहीं होने के कारण कई महिला मरीजों को अस्पताल के फर्श पर ही रात गुजारनी पड़ी. यह स्थिति न केवल सरकारी स्वास्थ्य मानकों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और गरिमा पर भी सवाल खड़े करती है.

सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद महिलाओं को वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन वहां बेड की भारी कमी थी. दर्द और कमजोरी से जूझ रही कई महिलाएं जमीन पर लेटी नजर आईं. नियमानुसार, बंध्याकरण ऑपरेशन के बाद मरीजों को साफ बेड, चादर, आवश्यक दवाइयां और नियमित चिकित्सकीय निगरानी उपलब्ध कराना अनिवार्य है, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र में इन व्यवस्थाओं का अभाव साफ दिखा.

मरीजों के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल कर्मियों को अव्यवस्था की जानकारी दी, इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. न तो वैकल्पिक बेड की व्यवस्था की गई और न ही मरीजों की स्थिति को लेकर गंभीरता दिखाई गई. इससे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं.
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