Search

 
 
 

सुप्रीम कोर्ट में DGP नियुक्ति व नियमावली पर सुनवाई कल

Ranchi News: बाबूलाल की याचिका ट्रांसफर करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में Amicus Curiae को  प्रकाश सिंह के मामले में कोर्ट के दिशा-निर्देश के आलोक में नियुक्ति नियमावली पर राय देने का निर्देश दिया था. इसके आलोक में Amicus Curiae नियुक्ति नियमावली की दो धाराओं को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के विपरीत बताया था. साथ ही तदाशा मिश्री की नियुक्ति को गलत करार दिया था.
 
सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो

Ranchi News: सुप्रीम कोर्ट में झारखंड सरकार द्वारा बनायी गयी DGP नियुक्ति और तदाशा मिश्र की नियुक्ति के मामले में कल सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची और न्यायाधीश वी मोहना की पीठ में इस मुद्दे पर सुनवाई होगी.


कल होने वाली सुनवाई का मामला प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी की याचिका से संबंधित है. बालूलाल ने झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर झारखंड सरकार दवारा बनायी गयी नियुक्ति नियमावली और इसमें किये गये संशोधन को चुनौती दी थी. साथ ही हाईकोर्ट में अनुराग गुप्ता की नियुक्ति के मुद्दे पर अवमानना याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अवमानना याचिका को खारिज कर दिया था. लेकिन नियुक्ति की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित कर लिया था.

इसे भी पढ़ें - 


बाबूलाल की याचिका ट्रांसफर करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में Amicus Curiae को  प्रकाश सिंह के मामले में कोर्ट के दिशा-निर्देश के आलोक में नियुक्ति नियमावली पर राय देने का निर्देश दिया था. इसके आलोक में Amicus Curiae नियुक्ति नियमावली की दो धाराओं को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के विपरीत बताया था. साथ ही तदाशा मिश्री की नियुक्ति को गलत करार दिया था. दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने भी इस मामले में IA दायर कर झारखंड सरकार द्वारा बनायी गयी नियुक्ति नियमावली और DGP की नियुक्ति को गलत करार दिया था. साथ ही इसे न्यायालय की अवमानना का मामला बताया था.


आठ अक्तूबर 2026 को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि झारखंड सरकार द्वारा बनायी गयी नियुक्ति नियमावली और उसमें किया गया संशोधन सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के खिलाफ प्रतीत होता है. अगर न्यायालय इस नियम को रद्द कर देता है तो DGP के पद पर तदाशा मिश्र की नियुक्ति भी रद्द हो जायेगी. इसलिए न्यायालय ने इस मुद्दे पर तदाशा मिश्रा को अपना पक्ष पेश करने का निर्देश दिया था. साथ ही यह भी कहा था कि अगर झारखंड सरकार चाहे तो नियुक्ति नियमावली पर अपनी बात रख सकती है. कोर्ट ने UPSC को इस मामले में Amicus Curiae को मदद करने का निर्देश दिया था.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही