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झारखंड DGP नियुक्ति नियमावली वैधता पर सुनवाई बाद में, UPSC चयन समिति में दो अधिकारी शामिल करने का निर्देश

NewDelhi/Ranchi: सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी द्वारा गठित की जाने वाली चयन समिति में राज्यों के मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को सदस्य बनाने का निर्देश दिया. झारखंड में डीजीपी नियुक्ति नियमावली की वैधता पर सुनवाई बाद में होगी.


सुप्रीम कोर्ट में डीजीपी नियुक्ति से जुड़े प्रकाश सिंह बनाम केंद्र सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के विशेष पीठ मे सुनवाई निर्धारित थी. इसमें विभिन्न राज्यों में डीजीपी की नियुक्ति से संबंधित मामले शामिल किये गये थे. प्रकाश सिंह के मामले में ही झारखंड सरकार द्वारा बनायी गयी नियुक्ति नियमावली की वैधता पर सुनवाई निर्धारित थी. लेकिन समय की कमी से झारखंड के मामले की सुनवाई आज नहीं हो सकी. झारखंड के मामले की सुनवाई अब बाद में होगी. 

 

हालांकि न्यायालय ने सुनवाई के लिए कोई नयी तिथि निर्धारित नहीं की. आज डीजीपी नियुक्ति के मामले पर सुनवाई के दौरान तामिलनाडू सहित अन्य राज्यों द्वारा उठाये गये बिंदुओं के मद्देनजर कोर्ट ने यूपीएससी द्वारा गठित की जाने वाली चयन समिति में राज्य के दो अधिकारियों को शामिल करने का निर्देश दिया. इसमें राज्य के मुख्य सचिव के अलावा अपर मुख्य सचिव स्तर के पुलिस पदाधिकारी शामिल करने का निर्देश दिया गया.

 

राज्य सरकार द्वारा अनुराग गुप्ता को डीजीपी के पद पर नियुक्त किये जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दो याचिकाएं दायर की थी. एक याचिका न्यायालय की अवमानना से संबंधित थी. इसमें यह कहा गया था कि डीजीपी के पद पर अनुराग गुप्ता की नियुक्ति प्रकाश सिंह बनाम केंद्र सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के खिलाफ है.

 

इसमें मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गयी थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के दौरान इसे राजनीति से प्रेरित करार देते हुए रद्द कर दिया था.


बाबूलाल की दूसरी याचिका में डीजीपी नियुक्ति नियमावली की वैधता को चुनौती दी गयी थी. यह याचिका हाईकोर्ट में दायर की गयी थी. सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति नियमावली को चुनौती देनेवाली याचिका को अपने पास मंगाने का आदेश दिया था. इस आदेश के आलोक में हाईकोर्ट ने नियुक्ति नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था.


राज्य सरकार ने जनवरी 2025 में डीजीपी नियुक्ति नियमावली को कैबिनेट से पारित कराने के बाद लागू किया था. नियमावली में डीजीपी के चयन के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति के गठन का प्रावधान किया गया था. समिति में मुख्य सचिव, यूपीएससी के प्रतिनिधि, जेपीएससी के प्रतिनिधि, गृह सचिव और सेवानिवृत डीजीपी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया था.

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