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झारखंड में शराब दुकानों पर भारी वित्तीय बोझ, करोड़ों का नेगेटिव बैलेंस व ऊंचे MGR लक्ष्य से बढ़ी चिंता

Ranchi : झारखंड में शराब दुकानों की वित्तीय स्थिति को लेकर सामने आए आंकड़ों ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. 25 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई जिलों, खासकर रांची की दुकानों में भारी नेगेटिव वॉलेट बैलेंस दर्ज किया गया है. कुल मिलाकर करोड़ों रुपये का बकाया सामने आया है.

 

रांची जिले की सूची में कई दुकानों का विवरण दर्ज है, जिनमें अधिकांश दुकानों का बैलेंस नेगेटिव है. दुकान पर जितनी रकम सरकार को देनी चाहिए थी, उससे कम जमा हुई है यानी दुकान घाटे में चल रही है. कई दुकानों पर लाखों से लेकर एक करोड़ रुपये से अधिक तक का बकाया है.

 

उदाहरण के तौर पर पंडरा, मोरहाबादी, कांके रोड, बरियातू, लालपुर, चुटिया, हटिया, नामकुम, डिबडीह, कुटे, सोनाहातू, राहे, खलारी और इटकी जैसे क्षेत्रों की दुकानों में भारी नेगेटिव बैलेंस दर्ज किया गया है. कई जगहों पर 30 लाख से लेकर 90 लाख रुपये तक का घाटा सामने आया है, जबकि कुछ दुकानों में यह आंकड़ा एक करोड़ रुपये के आसपास या उससे अधिक भी पहुंच रहा है.

 

सूची में रांची के विभिन्न इलाकों जैसे रातू रोड, अरगोड़ा चौक, पंडरा, रवि स्टील, काठीटांड, झारखंड क्षेत्र, हरमू बाजार, चापुटोली, सैल सिटी, जगन्नाथपुर, साहू चौक, लालपुर, करम टोली, रिम्स चौक, पिठोरिया, मोरहाबादी, कांके ब्लॉक, कोकर, बरियातू, लालगंज, ओरमांझी, लोवाडीह, नामकुम, कुटियातू, हटिया, डिबडीह, चुटिया, सरजना चौक, कांटाटोली, इटकी, बेरो, ललगुटवा, नयासराय, काठीटांड, राहे, सोनाहातू, खलारी, मांडर और मूरी जैसे क्षेत्रों की दुकानों के नाम शामिल हैं.

 

दूसरी ओर 2026-27 के लिए तय मिनिमम गारंटी रेवेन्यू (MGR) लक्ष्य भी सामने आए हैं, जो कई जिलों में काफी ऊंचे हैं. धनबाद जिले में पूजा टॉकीज, भूली मोड़, निश्चिंतपुर, रेगुनी बरकिबुआ, टेटुलमारी, भगाभुसबांगला, बर्रागढ़, भागाबांध जैसे क्षेत्रों की दुकानों के लिए 17 लाख से लेकर 8 करोड़ रुपये से अधिक तक के लक्ष्य तय किए गए हैं. कुछ दुकानों को 5 करोड़ से लेकर 6 करोड़ रुपये तक का लक्ष्य दिया गया है.

 

पूर्वी सिंहभूम के बिष्टुपुर क्षेत्र की दुकानों के लिए भी 5 करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. गढ़वा जिले में मंझियाओ, मोरबे, केतार, विशुनपुरा, तिलदाग, खरौंधी जैसे क्षेत्रों की दुकानों के लिए 70 लाख से लेकर 2 करोड़ 25 लाख रुपये से अधिक तक के लक्ष्य तय किए गए हैं.

 

हजारीबाग जिले में इंद्रपुरी, ताजपुर, गल्होबर और चलकुशा क्षेत्रों की दुकानों के लिए 24 लाख से लेकर 14 करोड़ 87 लाख रुपये तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो सबसे अधिक में से एक है. खूंटी जिले के नीचे चौक और गोविंदपुर क्षेत्र में 3 करोड़ से अधिक के लक्ष्य तय किए गए हैं. कोडरमा जिले में बगदो और धोधाखोला क्षेत्रों की दुकानों के लिए 2 करोड़ से लेकर 5 करोड़ रुपये तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

 

सरायकेला जिले में चांडिल, निमडीह, चालियामा और रघुनाथपुर क्षेत्रों की दुकानों के लिए भी 80 लाख से लेकर करीब 3 करोड़ रुपये तक के लक्ष्य तय किए गए हैं.

 

इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि एक ओर दुकानों पर पहले से भारी नेगेटिव बैलेंस का दबाव है, वहीं दूसरी ओर आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ऊंचे MGR लक्ष्य तय कर दिए गए हैं. इससे शराब व्यवसाय से जुड़े लाइसेंसधारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

 

व्यवसायियों का कहना है कि बाजार में मांग के अनुसार बिक्री नहीं हो पा रही है, जबकि सरकार द्वारा तय लक्ष्य लगातार बढ़ाए जा रहे हैं. इससे दुकानदारों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है.

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