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Jharkhand News: वित्त मंत्री का ऐलान, झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन देगी हेमंत सरकार

Ranchi: झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन, सुविधाएं और अन्य लाभ देने की दिशा में राज्य सरकार जल्द बड़ा फैसला ले सकती है. रविवार को वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सहमति से 15 जून को होने वाली मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में सभी झारखंड आंदोलनकारियों को समान रूप से सम्मान पेंशन देने का प्रस्ताव लाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.

 


आंदोलनकारियों के आश्रितों को 10% क्षैतिज आरक्षण 


अशोक नगर स्थित अपने आवासीय परिसर में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद वित्त मंत्री ने कहा कि आंदोलनकारियों के पुत्र-पुत्रियों एवं आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की दिशा में भी ठोस पहल की जा रही है. उन्होंने बताया कि आरक्षण लागू करने के दौरान अब तक हुई गड़बड़ियों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाएंगे. 

 


बैठक में झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन देने से संबंधित प्रस्ताव का प्रारूप तैयार करने पर विस्तार से चर्चा हुई. इसमें झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के विभिन्न प्रमंडलों और जिलों के पदाधिकारियों मौजूद रहे. अपनी मांगों और सुझावों को सरकार के समक्ष रखा.

 

 

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समान राजकीय सम्मान, अलग पहचान, रोजगार और नियोजन की गारंटी मिलनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि आंदोलनकारियों को 50 हजार रुपए मासिक सम्मान पेंशन दी जाए और उनके योगदान को राज्य स्तर पर मान्यता मिले.

 

 

पुष्कर महतो ने कहा कि राज्य सरकारों द्वारा समय-समय पर किए गए संकल्पों और आश्वासनों का पूर्ण क्रियान्वयन नहीं होने के कारण आंदोलनकारियों की समस्याएं लगातार बढ़ती गई हैं.उन्होंने कहा कि झारखंड अलग राज्य लंबे संघर्षों और लाखों लोगों के बलिदान के बाद अस्तित्व में आया, लेकिन आंदोलनकारी आज भी अपेक्षित सम्मान और सुविधाओं से वंचित हैं.

 


उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों ने शोषण, दमन और अन्याय का सामना किया है, जिसके कारण वे सामाजिक और आर्थिक रूप से हाशिए पर पहुंच गए हैं। राज्य गठन के बाद भी आंदोलनकारी एवं उनके परिवार आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास के पैमानों पर काफी पीछे रह गए हैं। ऐसे में उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है.

 


मोर्चा के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि झारखंड आंदोलनकारियों को न्याय के साथ सम्मान और समाज में स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का अधिकार दिया जाए. इसके  साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों की तर्ज पर उन्हें विशेष सुविधाएं, पहचान और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए.

 

 

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