- हर हाल में 6 हफ्ते के भीतर ड्राफ्ट SOP को स्वीकृत अथवा अस्वीकृत कर अंतिम निर्णय ले सरकार
Ranchi : झारखंड में भूमि कब्जा की बढ़ती समस्या से संबंधित स्वतः संज्ञान की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने झारखंड में भूमि कब्जा मामलों से निपटने को लेकर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाने के संबंध में सरकार से जवाब तलब किया. राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि झारखंड में भूमि कब्जा के मामलों से निपटने के लिए ड्राफ्ट SOP को अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य सरकार के समक्ष भेज दिया गया है.
मुख्य सचिव ने 09.06.2026 को शपथपत्र दाखिल किया है. उस शपथपत्र के साथ भूमि कब्जा मामलों से निपटने के लिए ड्राफ्ट SOP भी संलग्न की गई है. कोर्ट ने माना कि भूमि कब्जा का मुद्दा अत्यंत गंभीर है और SOP बनाने में पहले ही काफी समय लग चुका है. कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि वह ड्राफ्ट SOP पर शीघ्र निर्णय ले और हर हाल में छह सप्ताह के भीतर उसे स्वीकृत अथवा अस्वीकृत कर अंतिम निर्णय ले.
कोर्ट ने कहा कि एमिकस क्यूरी को सरकार के शपथपत्र और ड्राफ्ट SOP की प्रति दी गई है. यदि उन्हें कोई सुझाव देना हो तो वे 10 दिनों के भीतर राज्य सरकार को अपने सुझाव दे सकते हैं. सरकार को SOP को अंतिम रूप देते समय उन सुझावों पर विचार करना होगा. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई निर्धारित की.
यहां बता दें कि झारखंड में भू माफियाओं द्वारा जमीन कब्जे की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इससे निपटने के लिए कोर्ट ने राज्य सरकार को एक प्रभावी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाने का आदेश दिया था.
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