Ranchi: बंधुआ मजदूरों को सरकारी लाभ और मुआवजा दिलाने को लेकर दाखिल जनहित सेवा प्रतिष्ठान की जनहित याचिका पर गुरूवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में कोर्ट ने मुक्त कराए गए 300 मजदूरों के दस्तावेज का सत्यापन कर फाइनल सूची गढ़वा डीसी को देने का निर्देश दिया है. इससे पहले सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि दस्तावेज वेरिफिकेशन के लिए 300 में से 229 मजदूर पहुंचे थे. इनमें से कई मजदूरों के संदर्भ में संबंधित राज्य से उनके संबंध में कोई दस्तावेज नहीं मिल पाया है. जिसपर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रार्थी ने जो 300 लोगों की सूची दी है, उसका सत्यापन जल्द कर इन्हें सरकारी सुविधा मुहैया कराया जाना चाहिए था.
इससे पहले सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम के तहत मुक्त कराए गए 300 मजदूरों को तत्काल मुआवजा, पुनर्वास और अन्य सरकारी सुविधाएं दिलाया जाए. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक व न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने मामले की सुनवाई की. अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी.
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