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हाईकोर्ट ने सभी DC व CJM को कर्जदारों की संपत्ति पर कब्जे के मामलों का अलग रजिस्टर रखने का दिया निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य के सभी उपायुक्तों को SARFAESI एक्ट की धारा 14 से जुड़े आवेदनों का अलग रजिस्टर रखने का निर्देश दिया है. साथ ही जमशेदुपर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) को लंबित आवेदनों का निपटारा 60 दिन,धनबाद को 30 दिन में करने का आदेश दिया है. जिन न्यायालयों में 10 से कम आवेदन हो उन्हें 15 दिनों में निपटारने का आदेश दिया.
 
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Ranchi: हाईकोर्ट ने राज्य के सभी उपायुक्तों को SARFAESI एक्ट की धारा 14 से जुड़े आवेदनों का अलग रजिस्टर रखने का निर्देश दिया है. साथ ही जमशेदुपर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) को लंबित आवेदनों का निपटारा 60 दिन,धनबाद को 30 दिन में करने का आदेश दिया है. जिन न्यायालयों में 10 से कम आवेदन हो उन्हें 15 दिनों में निपटारने का आदेश दिया. न्यायाधीश आनंद सेन की पीठ ने ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक,यूको बैंक और जेना स्मॉल फाइनांस द्वारा दायर याचिकाओं की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया है.


इन बैकों द्वारा न्यायालय में याचिका दायर कर यह कहा गया था कि SARFAESI एक्ट की धारा 14 के तहत दायर आवेदन धनबाद, जमशेदपुर आदि में लंबित हैं. न्यायालय द्वारा आवेदनों का निपटारा नहीं होने की वजह से बैंकों द्वारा कर्ज की वसूली संभव नहीं हो रहा है. इन सभी बैंकों ने हाईकोर्ट से यह अनुरोध किया था कि कोर्ट संबंधित न्यायालयों को SARFAESI एक्ट की धारा 14 के तहत दिये गये आवेदनों को शीघ्र निपटाने का आदेश दे.


न्यायाधीश आनंदा सेन ने सुनवाई के बाद न्यायालयों द्वारा SARFAESI एक्ट की धारा के तहत दायर मामलों के निपटाने की समय सीमा निर्धारित कर दी. उन्होंने जमशेदपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को 60 दिनों में और धनबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को 30 दिनों में लंबित आवेदनों को निपटाने का आदेश दिया. हार्ईकोर्ट ने उन सभी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारियों को इससे संबंधित मामलों को 15 दिनों में करने का आदेश दिया, जिनके पास इसकी संख्या 10 से कम हो. हाईकोर्ट में धनबाद और जमशेदपुर के जूडिशियल कमिशनर को 90 दिनों के अंदर हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.


हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि यह SARFAESI एक्ट की धारा 14 के तहत दायर आवेदनों को निपटाने में पारदर्शिता बनाये रखना जरूरी है. इसलिए उन्होंने सभी उपायुक्तों और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि वे इन मामलों के लिए एक अलग रजिस्टर रखे. इसमें आवेद दायर करने, विचार करने और निपटाने की तारीख दर्ज करें. 


उपायुक्त इस काम के लिए किसी सीनियर क्लर्क को रख सकेंगे. संबंधित क्लर्क इन सूचनाओं को दर्ज कर हर 15 दिन पर रजिस्टर उपायुक्त के सामने पेश करेंगे. उपायुक्त इस पर अपना दस्तखत करेंगे, ताकि उन्हें ऐसे मामलों की सही-सही जानकारी रहे.

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