Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट में झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET) 2024 में लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस तथा फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स विषयों को शामिल करने संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई हुई. लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस मामले में याचिकाकर्ता राजेश कुमार तथा फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स मामले में याचिकाकर्ता गुलशन कुमार ने पक्ष रखा.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अतुल्य श्रेष्ठ ने कोर्ट को बताया कि वह केवल समानता की मांग कर रहे हैं, क्योंकि जिन अन्य विषयों को JET में शामिल किया गया है, उनमें स्वीकृत पदों के लिए न्यूनतम योग्यता मास्टर्स डिग्री के साथ NET/JET है, और इसी प्रकार की योग्यता वाले स्वीकृत पद संबंधित विषयों में भी मौजूद हैं. यह भी कहा गया कि ऐसे पद न केवल स्वीकृत हैं, बल्कि बड़ी संख्या में रिक्त भी पड़े हैं, विशेषकर लाइब्रेरियन पदों के संदर्भ में.
वहीं, राज्य की ओर से यह कहा गया कि JET में विषयों का चयन एक नीतिगत निर्णय है तथा अभ्यर्थियों के लिए NET परीक्षा का विकल्प उपलब्ध है. जिसपर याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि NET परीक्षा सभी विषयों के लिए उपलब्ध है, परंतु राज्य द्वारा JET आयोजित किए जाने की स्थिति में किसी विषय को बिना किसी तर्कसंगत आधार के बाहर रखना उचित नहीं है.
उल्लेखनीय है कि पूर्व में कोर्ट ने राज्य को यह बताने का निर्देश दिया था कि उक्त विषय को JET की विषय सूची में क्यों शामिल नहीं किया गया है. इसके जवाब में राज्य की ओर से यह कहा गया कि JET परीक्षा शिक्षण पदों के लिए आयोजित की जा रही है तथा संबंधित विषयों में शिक्षण पद उपलब्ध नहीं हैं, और लाइब्रेरियन पदों को गैर-शिक्षण श्रेणी में रखा गया है.
साथ ही यह भी बताया गया कि लाइब्रेरियन पदों के पुनर्गठन की प्रक्रिया वर्तमान में प्रगति पर है, जिसके कारण विषय को शामिल नहीं किया गया. 18 अप्रैल 2026 को अगली सुनवाई के लिए मामले को सूचीबद्ध किया है. बता दें कि JET परीक्षा 26 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment