Ranchi: हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 12 साल की बच्ची के साथ हत्या मामले में कोर्ट के स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की. सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले निष्पादित करते हुए कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूत के आधार पर जांच एजेंसी आगे का अनुसंधान करेगी. कोर्ट ने मामले के अनुसंधानकर्ता को एफएसएल जांच रिपोर्ट और बच्ची की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट सौंप दिया. साथ ही कहा कि अनुसंधान फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज सबूत के आधार पर आगे चालू रहेगा.
यहां बताने के पूर्व की सुनवाई में कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से केस डायरी प्रस्तुत की गई थी. एफएसएल जांच रिपोर्ट और बच्ची की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट भी कोर्ट को दी गई थी, जिसका अवलोकन कोर्ट ने किया था.
बता दें कि हजारीबाग में 12 साल की बच्ची की हत्या मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सरकार से एफएसएल रिपोर्ट और मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट मांगी थी, जिसे कोर्ट को सौंपा गया था. मामले को लेकर हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना में कांड संख्या 42/2026 दर्ज किया गया है. जिसमें मृतक की मां रेशमी देवी, भीम राम सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस की ओर से तंत्र-मंत्र के कारण बच्ची की हत्या मां द्वारा किए जाने की बात कही गयी. इसमें भीम राम ने उसका सहयोग किया था. मामले की पहली सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह बात लाई गई कि यह मामला दिल्ली के निर्भया कांड की तरह है. इसमें बच्ची के प्राइवेट पार्ट के साथ भी अब अमानवीय व्यवहार किया गया है.
जिसपर कोर्ट ने कहा था कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है, कोर्ट के समक्ष उक्त घटना से संबंधित पेपर की कटिंग प्रस्तुत की गई थी, जिसे कोर्ट ने गंभीर मामला मानते हुए तुरंत झालसा सचिव और हजारीबाग एसपी को वर्चुअल तलब किया था. 25 मार्च को घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज हुई थी.
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