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हाईकोर्ट ने छात्रों को फंसाने के मामले में CBI जांच का आदेश दिया

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने छात्रों को फंसाने के मामले में Jharkhand University Of Technology (JUT) और All India Council For Technical Education(AICTE) की भूमिका की जांच कर दो हफ्ते में कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया.
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Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने छात्रों को फंसाने के मामले में Jharkhand University Of Technology (JUT) और All India Council For Technical Education(AICTE) की भूमिका की जांच कर दो हफ्ते में कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया. न्यायाधीश राजेश कुमार ने Dhanbad Institute Of Technology द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया. न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि तीन फरवरी निर्धारित की है.


Dhanbad Institute Of Technology के प्राचार्य की ओर से हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गयी थी. इसमें यह आरोप लगाया गया था कि AICTE ने 30-4-2025 को शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नामांकन के लिए अनुमति दी थी. इसके बाद कॉलेज में छात्रों का नामांकन हुआ.

 
लेकिन JUT छात्रों की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दे रहा है. याचिका में वर्णित तथ्यों को देखते हुई हाईकोर्ट ने JUT के रजिस्ट्रार को 13 जनवरी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था. कोर्ट के आदेश के आलोक में रजिस्ट्रार कोर्ट में हाजिर हुए. मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि यह ट्रैफिक पुलिस द्वारा NO ENTRY/ No Parking Board हटा कर यात्रियों से नाजायज वसूली करने जैसा मामला है.


पहली नजर में यह लगता है कि JUT ने भी यही रवैया अपनाया है. AICTE ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 मे छात्रों के नामांकन के लिए अनुमति दी. इसके बाद छात्र फंस गये. पहली नजह में यह अत्यधिक गंभीर मामला है. क्योंकि यह राज्य के अधिकारियों द्वारा छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने जैसा है. 
छात्रों ने एडमिशन लिया, लेकिन परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जा रहा है. यह भ्रष्टाचार का मामला प्रतीत होता है. इसलिए इस याचिका में CBI को चौथी प्रतिवादी बनाया जाता है. न्यायालय ने CBI को प्रतिवादी बनाने के बाद नोटिस जारी किया. इसे CBI के तरफ से ASGI प्रशांत पल्लव ने प्राप्त किया.


न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई को यह आदेश दिया कि वह इस बात की जांच करें कि AICTE और JUT द्वारा छात्रों को कैसे फंसाया गया. इसके लिए किसकी क्या भूमिका है. न्यायालय ने सीबीआई को दो सप्ताह में इन बिंदुओं की जांच कर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है. साथ ही AICTE और JUT को सीबीआई जांच में मदद करने का निर्देश दिया है.

 

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