Search

 
 
 

खूंटी के चर्चित कोचांग गैंगरेप के सजायाफ्ता अजूब सांडी पूर्ति की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज

Ranchi: खूंटी में वर्ष 2018 में हुए चर्चित कोचांग गैंगरेप मामले के सजायाफ्ता अजूब सांडी पूर्ति को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. हाईकोर्ट ने मामले में सजा के खिलाफ उसकी क्रिमिनल अपील पर सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने अजूब सांडी पूर्ति की जमानत अर्जी खारिज कर दी. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंजन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की.
 

Ranchi: खूंटी में वर्ष 2018 में हुए चर्चित कोचांग गैंगरेप मामले के सजायाफ्ता अजूब सांडी पूर्ति को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. हाईकोर्ट ने मामले में सजा के खिलाफ उसकी क्रिमिनल अपील पर सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने अजूब सांडी पूर्ति की जमानत अर्जी खारिज कर दी. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंजन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की.  


खंडपीठ ने अजूब सांडी पूर्ति द्वारा रेप में शामिल रहने और टीआईपी व ट्रायल के दौरान कोर्ट में पीड़िता द्वारा पहचान किए जाने के आधार पर उसकी जमानत याचिका खारिज की है. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता भोला नाथ ओझा ने पक्ष रखा. 

 

बता दें कि खूंटी के सिविल कोर्ट ने 17 मई 2019 को इसे गैंग रेप मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. गैंगरेप का यह मामला साल 2018 जून महीने का है. खूंटी जिले में पांच लड़कियों को अगवा कर उनके साथ गैंग रेप किया गया था. तब आदिवासियों का पत्थलगड़ी आंदोलन चल रहा था. उस समय एक एनजीओ से जुड़ी पांच महिलाएं कोचांग गांव में जागरूकता अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक करने गई थीं. उस दौरान उन्हें अगवा कर गैंगरेप किया गया था.


निचली अदालत ने फादर अल्फांसो को घटना का साजिशकर्ता माना था. इस मामले में फादर अल्फांसो आईंद के अतिरिक्त जॉन जुनास तिड़ू, बलराम समद, बाजी समद उर्फ टकला, जोनास मुंडा, अजूब सांडी पूर्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

 

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही