Ranchi : एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में प्रारंभिक जांच (पीई) के मामलों के जल्द निष्पादन को लेकर कोर्ट के स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया.
मामले में राज्य सरकार की ओर से संक्षिप्त नोट प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिस पर कोर्ट ने जल्द संक्षिप्त नोट प्रस्तुत करने का निर्देश सरकार को दिया. इससे पहले एमिकस क्यूरी ने मामले से संबंधित संक्षिप्त नोट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया था.
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि ACB में लंबित सभी प्रारंभिक जांचों की वर्तमान एवं अद्यतन स्थिति रिपोर्ट तैयार कर सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करे. इससे पहले हस्तक्षेपकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि ACB में कई प्रारंभिक जांच 11 साल से अधिक समय से लंबी पड़े हैं.
प्रारंभिक जांच लंबित रहने के दौरान ही कई लोग सेवानिवृत हो चुके हैं. उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कुछ लोगों का प्रारंभिक जांच वर्ष 2013 और 2022 से लंबित है.
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