Ranchi: धनबाद कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं और मुवक्किलों की पार्किंग समेत अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने याचिका निष्पादित करते हुए कहा कि तत्काल पार्किंग की समस्या का काफी हद तक समाधान आपसी बातचीत और सहयोग से हो गया है.
कोर्ट ने पाया कि अब अधिवक्ताओं और मुवकिलों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग स्थान उपलब्ध कराया गया है. रोजाना लगने वाले दुकानदारों को निर्धारित वेंडिंग जोन में स्थानांतरित कर दिया गया है. पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है, ताकि निर्धारित पार्किंग स्थल पर दोबारा अतिक्रमण न हो. खंडपीठ ने कहा कि दीर्घकालिक समाधान के तहत कोर्ट परिसर के सामने स्थित जेल को भविष्य में शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थानांतरित करने पर सभी पक्षों में सहमति बनी है.
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जेल के स्थानांतरित होने के बाद खाली होने वाली जमीन का इस्तेमाल कोर्ट परिसर और बार की जगह से जुड़ी समस्या के स्थायी समाधान के लिए किया जा सकेगा. हालांकि कोर्ट ने कहा कि जेल स्थानांतरण का प्रस्ताव राज्य सरकार की मंजूरी पर निर्भर है और इसमें समय लगेगा. कोर्ट ने उम्मीद जताई कि प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन अधूरे नहीं रहेंगे और इस प्रस्ताव को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा.
कोर्ट ने धनबाद जिला प्रशासन, पुलिस, जिला न्यायपालिका और धनबाद बार एसोसिएशन के सहयोगात्मक रवैये की सराहना की. खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में किसी भी पक्ष ने इसे टकराव के रूप में नहीं लिया. कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह के रचनात्मक रवैये की भी प्रशंसा की.
यहां बता दें कि धनबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी की ओर से दायर जनहित याचिका में बार भवन के आने-जाने वाले रास्तों और आपातकालीन निकास को बहाल करने, जस्टिस एसबी सिन्हा द्वार पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने, पश्चिमी गेट खोलने और अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करने की मांग की गई थी.
दरअसल, हाईकोर्ट ने 12 मार्च 2026 के आदेश में कहा था कि पार्किंग विवाद गैर-विरोधात्मक है और इसे बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए. कोर्ट के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धनबाद ने जिला प्रशासन और बार एसोसिएशन के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई. 28 मार्च और 11 अप्रैल 2026 को हुई बैठकों के बाद 21 अप्रैल तक अल्पकालिक पार्किंग योजना लागू करने पर सहमति बनी. निर्धारित समय बीतने के बाद कोर्ट ने 23 अप्रैल को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया. 14 मई के आदेश में कोर्ट ने पाया कि अल्पकालिक समाधान की दिशा में काफी प्रगति हुई है.
सड़क किनारे के दुकानदारों को हटाकर स्थानांतरित किया गया और यातायात पुलिस की तैनाती की गई. हालांकि दीर्घकालिक समाधान के लिए कोर्ट ने प्रशासन से समय-सीमा मांगी. 25 जून के आदेश के बाद 9 जुलाई 2026 को फिर एक बैठक हुई. इसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धनबाद के अलावा उपायुक्त, सिटी एसपी, बार एसोसिएशन के अधिवक्ता और पदाधिकारी शामिल हुए. बैठक में बनी सहमति के आधार पर अंतरिम व्यवस्था लागू कर दी गई.
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