Ranchi: हाईकोर्ट ने चारा घोटाले के किंगपिन के रूप में चिह्नित श्याम बिहारी सिन्हा के घर से जब्त 38 लाख रुपये के जेवरात को स्त्रीधन के नाम पर छोड़ने के आदेश पर रोक लगा दिया है. साथ ही इस मामले में श्याम बिहारी सिन्हा के बेटे रवि सिन्हा सहित अन्य को नोटिस जारी किया है.
रवि सिन्हा को चारा घोटाले के RC-68/96 में 2018 में सजा सुनायी जा चुकी है. इसी मामले में 13 मई 1999 और 14 मई 1999 को छापेमारी के दौरान श्याम बिहारी सिन्हा के घर से जेवरात जब्त किये गये थे.
श्याम बिहारी सिन्हा की मौत 1999 में और उनकी पत्नी रमा सिन्हा की मौत 2011 में हो गयी. रमा सिन्हा ने अपने जीवन काल में जब्त जेवरात को स्त्रीधन बताकर इस पर अपना दावा नहीं किया. लेकिन बेटा रवि सिन्हा ने 2024 में सीबीआई कोर्ट में एक याचिका दायर कर जब्त जेवरात को स्त्रीधन होने का दावा करते हुए इसे छोड़ने का अनुरोध किया.
निचली अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद जब्त किये गये जेवरात को छोड़ने का आदेश दिया. सीबीआई ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी. सीबीआई की ओर से दीपक भारती ने दलील पेश की. उन्होंने कहा कि रवि सिन्हा ने निचली अदालत में अपने दावे के समर्थन में किसी तरह को कोई दस्तावेज नहीं पेश किया था. इसके बावजूद निचली अदालत ने जेवरात जब्त छोड़ने का आदेश दिया. यह न्यायसंगत नहीं है.
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह कि रमा सिन्हा ने अपने जीवन काल में कभी जब्त जेवरात के स्त्रीधन होने का दावा नहीं किया. रमा सिन्हा की मौत के 13 साल बाद जब्त जेवरात के स्त्रीधन होने का दावा मनगढ़ंत कहानी है. न्यायाधीशसंजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद जेवरात छोड़ने के आदेश पर रोक लगा दी.
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