- रजिस्ट्रार से पूछा, कोर्ट के आदेश के बाद भी प्रार्थी को बकाया भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है?
Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने एक अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के रवैया पर कड़ी नाराजगी जताई. मौखिक कहा कि कोर्ट के आदेश को हल्के में ना लिया जाए. आदेश के बाद भी प्रार्थी को बकाया भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है. कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है.
कोर्ट ने रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई 17 जुलाई को कोर्ट में सशरीर हाजिर होने का निर्देश दिया है.
दरअसल, पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दो सप्ताह में प्रार्थी को उनके स्वर्गवासी ससुर के सेवानिवृत्ति लाभ फैमिली पेंशन सहित अन्य लाभ देने का निर्देश दिया था. लेकिन आज मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से समय की मांग की गई थी. यहां बता दें कि हाईकोर्ट की एकल पीठ ने वर्ष 2024 में प्रार्थी के ससुर की सेवानिवृत्ति लाभ, फैमिली पेंशन, पंचम से सप्तम वेतनमान का बकाया लाभ आदि देने का आदेश दिया था.
आदेश का अनुपालन नहीं होने पर प्रार्थी की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है. जिसमें कोर्ट ने सरकार को दो माह में भुगतान सुनिश्चित करने को कहा था. यहां उल्लेखनीय है कि मामले में प्रतिमा देवी ने याचिका दाखिल की है. उनके ससुर का देहांत वर्ष 2017 में हो गया था. वे मांडर कॉलेज मांडर में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी थे.
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