कमीशन ने कहा कि सरकार ने अभ्यार्थियों की नियुक्ति से संबंधित विवरण को अलग-अलग दिए जाने की बजाय संयुक्त रूप से दिया है, इसे अलग-अलग दिया जाए. कमीशन ने राज्य सरकार को नियुक्त सभी अभ्यर्थियों का रिजल्ट सब्जेक्ट वाइज और कैटिगरी वाइज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
साथ ही 18 सितंबर 2019 से 2 अगस्त 2022 तक कितने अभ्यार्थियों की नियुक्ति की गई है, इसकी भी जानकारी मांगी है. इसके अलावा सरकार से पूछा है कि नियुक्ति के लिए निर्धारित कुल सीट 17786 में से कितनी नियुक्तियां अबतक हुई है और कितनी सीटों पर नियुक्ति की जानी बची है.
बता दें कि कमीशन ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह नियुक्त अभ्यर्थियों से संबंधित पूर्ण विवरण यानी उनकी नियुक्ति से संबंधित ऑफिस ऑर्डर, विषयवारव कैटिगरी वाइज मार्क्स और जिला वाइज मेरिट आदि प्रस्तुत करें. जिस पर सरकार की ओर से नियुक्त अभ्यर्थियों का विस्तृत डाटा कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया गया था.
आज सुनवाई के दौरान माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद और जेएसएससी की ओर से उपसचिव बशीर अहमद उपस्थित हुए थे. वहीं याचिकाकर्ता की ओर अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता, अमृतांश वत्स, अधिवक्ता राजेश कुमार एवं अन्य ने पक्ष रखा. मामले की अगली सुनवाई 27 जून निर्धारित की गई है. अगली सुनवाई पुराने हाईकोर्ट बिल्डिंग डोरंडा में फिर से रखी गई है.
बता दें कि हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने मीना कुमारी और अन्य के मामले में 257 याचिका पर फैसला सुनाते हुए फैक्ट फाइंडिंग कमीशन को 3 माह में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है. कमीशन का अध्यक्ष हाईकोर्ट की सेवानिवृत जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को बनाया गया है.
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