- 28 को दिखेगी आदिवासी परंपरा की झलक
- सुरक्षा के लिए चार सेक्टर में बांटा गया जतरा स्थल
- NH-75 पर दो दिन रूट डायवर्ट
Ranchi News: झारखंड के ऐतिहासिक मुड़मा जतरा का शुभारंभ मंगलवार को हुआ. इस जतरा की शुरुआत स्थापित शक्ति खूंटा की पूजा-अर्चना के साथ हुआ. 40 पड़हा के पाहन, सामाजिक कार्यकर्ता और धार्मिक अगुवाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज से पूजा की. इस दौरान सरना प्रार्थना भी की गई. पड़हा मुड़मा भवन अखरा से 40 दीये लेकर लोग शक्ति खूंटा पहुंचे और पूजा में शामिल हुए. इसके साथ ही दो दिवसीय मुड़मा जतरा की शुरुआत हो गई.
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जतरा परिसर में मनोरंजन के लिए बिजली से चलने वाले झूले, मौत का कुआं, सर्कस और जादू के खेल आकर्षण का केंद्र रहेंगे,.इसके अलावा पारंपरिक वाद्य यंत्र, कृषि उपकरण, अस्त्र-शस्त्र, श्रृंगार सामग्री, खाने-पीने की चीजों और खिलौनों की सैकड़ों दुकानें भी लगाई गई हैं. जतरा में झारखंड के अलावा देश के दूसरे राज्यों और नेपाल से भी लोगों के पहुंचे है.
मुड़मा जतरा का सबसे खास आकर्षण समापन के दिन देखने को मिलेगा,.इस दौरान 40 पड़हा के लोग अपने पारंपरिक पड़हा निशान के साथ जतरा में शामिल होंगे. लोग रम्पा-चम्पा, लकड़ी के हाथी, घोड़े, मगरमच्छ, मछली, कंड़सा और झंडे लेकर नाचते-गाते पहुंचेंगे. यह आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है.
जतरा में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं.उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी और रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक की ओर से संयुक्त आदेश जारी किया गया है.सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी ग्रामीण एसपी और सदर अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपी गई है.
जतरा स्थल पर विशेष नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे. सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटा गया है. यहां पुलिस अधिकारियों के साथ पुरुष और महिला पुलिस बल की तैनाती की गई है. भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी. वहीं, जतरा स्थल और आसपास के रास्तों पर निगरानी के लिए 21 गश्ती दल तैनात किए गए हैं.
असामाजिक तत्वों, छेड़खानी करने वालों और अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी.राजी पड़हा जतरा समिति की ओर से भी प्रशासन के सहयोग के लिए करीब 2 हजार स्वयंसेवक तैनात रहेंगे.
मुड़मा जतरा के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए 27 और 28 अक्टूबर को एनएच-75 पर वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है.लोहरदगा से रांची आने वाले वाहन टांगर बसली मोड़ से बेड़ो होते हुए रांची पहुंचेंगे. रांची से लोहरदगा की ओर जाने वाले वाहन काठीटांड़ से ठाकुरगांव और बुढ़मू होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे.
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