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झारखंड में IPS अधिकारियों की कमी, केंद्र ने डेपुटेशन पर भेजने के लिए दो बार भेजा रिमाइंडर

झारखंड कैडर में आईपीएस अधिकारियों की कमी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है. केंद्र में झारखंड कैडर के आईपीएस के लिए 34 स्वीकृत पद हैं. इसके बावजूद वर्तमान में केवल 24 अधिकारी ही तैनात हैं. यानी केंद्र में अभी भी 10 अधिकारियों की कमी है, जिससे राज्य में पुलिस प्रशासन पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है.
 

Ranchi :   झारखंड कैडर में आईपीएस अधिकारियों की कमी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है. केंद्र में झारखंड कैडर के आईपीएस के लिए 34 स्वीकृत पद हैं. इसके बावजूद वर्तमान में केवल 24 अधिकारी ही तैनात हैं. यानी केंद्र में अभी भी 10 अधिकारियों की कमी है, जिससे राज्य में पुलिस प्रशासन पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है.

बार-बार मंत्रालय भेज रही रिमाइंडर

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के अपर सचिव (पुलिस-1) ने 24 दिसंबर 2024 को झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए उपयुक्त अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था. इसके बाद 10 मार्च 2025 को मंत्रालय ने फिर से मुख्य सचिव को रिमाइंडर जारी किया.

 

सभी राज्यों को अपने अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजना अनिवार्य 

मंत्रालय द्वारा झारखंड के मुख्य सचिव को बार-बार आईपीएस अधिकारियों को सेंट्रल डेपुटेशन पर भेजने का अनुरोध करना, इस का स्पष्ट संकेत है कि झारखंड सरकार के पास पर्याप्त संख्या में आईपीएस अधिकारी नहीं हैं, जिन्हें केंद्र सरकार की सेवा में भेजा जा सके. 

 

जबकि नियमों के तहत, हर राज्य को केंद्र के लिए एक निश्चित संख्या में अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर भेजना होता है, लेकिन झारखंड में आईपीएस अधिकारियों की पहले से ही कमी होने के कारण यह अनिवार्यता पूरी नहीं हो पा रही है.

 

झारखंड कैडर के 24 आईपीएस केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर : 

- संपत मीणा
- संजय लाठकर 
- नवीन कुमार सिंह
- बलजीत सिंह
- आशीष बत्रा 
- साकेत कुमार सिंह
- कुलदीप द्विवेदी 
- अभिषेक 
- अनुप टी मैथ्यू
- राकेश बंसल
- अनीश गुप्ता
- एम तमिलवाणन 
- पी मुरुगन 
- जया रॉय 
- अखिलेश वॉरियर 
- अंशुमन कुमार
- प्रशांत आनंद 
- हरि लाल चौहान 
- प्रियंका मीणा 
- सुभाष चंद्र जाट 
- आर रामकुमार 
- विनीत कुमार 
- के विजय शंकर
- शुभांशु जैन

 

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