Shambhu Kumar
Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट परिवर्तन-हुनर से पहचान’ के तहत मंडल कारा, चाईबासा में बंदियों के कौशल विकास और सकारात्मक बदलाव के उद्देश्य से व्यवसायिक बागवानी प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया. यह प्रशिक्षण 9 सितंबर 2026 तक चलेगा. इसमें 40 बंदियों को फल एवं सब्जी उत्पादन तथा जैविक खाद निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा.
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प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को रोजगारपरक कौशल से जोड़कर भविष्य में स्वरोजगार एवं सम्मानजनक आजीविका के लिए तैयार करना है. प्रोजेक्ट परिवर्तन-हुनर से पहचान’ के तहत मंडल कारा में यह तीसरा प्रशिक्षण शिविर है. जिला प्रशासन की ओर से बंदियों को विभिन्न कौशल विकास एवं रोजगारपरक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सजा पूरी करने के बाद वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकें.
प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य बंदियों को ऐसे उपयोगी हुनर से जोड़ना है, जिससे वे कारा से बाहर निकलने के बाद सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें. उन्होंने बंदियों से अपनी पिछली गलतियों से सीख लेकर भविष्य में उन्हें दोहराने से बचने तथा प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की.
इसके बाद उपायुक्त ने मंडल कारा परिसर में संचालित सिलाई एवं कपड़ा निर्माण केंद्र का अवलोकन किया. उन्होंने प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी ली. साथ ही सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर कारा की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया.
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