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सदन में सारंडा में उग्रवादी गतिविधियों पर बहस, सरयू राय ने उठाए कई सवाल

Ranchi: झारखंड विधानसभा में सारंडा क्षेत्र में बढ़ती उग्रवादी गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई. इस दौरान विधायक सरयू राय ने सरकार से कई सवाल पूछे, जिनका जवाब मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दिया. कार्यवाही के दौरान सरयू राय ने कहा कि गृह विभाग की ओर से दिए गए उत्तर में अनुलग्नक संलग्न होने की बात कही गई थी, लेकिन वह उपलब्ध नहीं कराया गया. उन्होंने कहा कि बिना अनुलग्नक के दिया गया उत्तर अधूरा लगता है और इससे स्थिति स्पष्ट नहीं होती.

 

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विधायक ने यह भी पूछा कि आखिर सारंडा क्षेत्र में ही उग्रवादी गतिविधियां ज्यादा क्यों देखने को मिलती हैं. उन्होंने कहा कि क्या इसके पीछे खनन, गरीबी या बेरोजगारी जैसे कारण हैं. सरयू राय ने पिछले 20 वर्षों का तुलनात्मक आंकड़ा देने की मांग की, ताकि यह पता चल सके कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई से कितनी सफलता मिली है. उन्होंने आईईडी विस्फोटों में जवानों की शहादत पर भी चिंता जताई और पूरे क्षेत्र में आईईडी का सर्वे कराने की मांग की.

 

 

 

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार उग्रवादी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चला रही है. उन्होंने कहा कि सारंडा का घना जंगल उग्रवादियों के लिए छिपने का सुरक्षित स्थान बन जाता है, जिससे उन्हें गतिविधियां चलाने में आसानी होती है.

 

मंत्री ने कहा कि पिछले 24 वर्षों की तुलना में वर्तमान सरकार के समय में सारंडा क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभावी कार्रवाई की गई है. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की सरेंडर पॉलिसी के कारण कई उग्रवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं.

 

योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पहले की तुलना में अब उग्रवादी गतिविधियां काफी कम हो गई हैं और यह करीब 10 से 20 प्रतिशत तक रह गई हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि जो लोग भटक गए हैं, वे धीरे-धीरे मुख्यधारा में वापस आएंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से उग्रवाद पर नियंत्रण पाने की कोशिश जारी है.

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