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लेनदेन के मामलों में IAS विनय चौबे के कारनामों से जांच एजेंसी उलझन में

Ranchi :  संपत्ति खरीदने और बेचने के मामले में विनय चौबे के कारनामों से जांच एजेंसी उलझन में है. चौबे के खिलाफ जारी जांच के दौरान नोएडा में संपत्ति खरीदने के लिए दो व्यक्तियों द्वारा छह लाख रुपये दिये जाने का नया मामला सामने आया है. जिसके बाद जांच एजेंसी हरिशंकर मणि त्रिपाठी और राकेश तिवारी की तलाश कर रही है.

 

संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच में पाया गया कि चौबे ने वर्ष 2010 में सर्किल रेट से कम पर फ्लैट खरीदा. वहीं 2013 में सर्किल रेट से अधिक पर फ्लैट बेचकर 58 लाख रुपये का मुनाफा कमाया. नोएडा स्थित फ्लैट को 37 लाख में खरीदने के बाद 95 लाख रुपये बेच दिया गया.

 

जांच में पाया गया कि वर्ष 2010 में संपत्ति खरीदते वक्त सर्किल रेट के हिसाब से उसका मूल्य 46 लाख था. लेकिन चौबे ने 37 लाख में खरीदा. इसके बाद वर्ष 2013 में इसे 95 लाख रुपये में बेच दिया. बेचते वक्त सर्किल रेट से संपत्ति की कीमत 76 लाख रुपये आंकी गयी है.

 

नोएडा स्थित संपत्ति को खरीदने के दौरान 37 लाख रुपये में से छह लाख रुपये का भुगतान हरिशंकर मणि त्रिपाठी और राकेश तिवारी द्वारा किया गया था. इस रकम का भुगतान पंजाब नेशनल बैंक नई दिल्ली के महारानी बाग स्थित ब्रांच के माध्यम से किया गया था.

 

संपत्ति खरीदने के दौरान इन दो व्यक्तियों द्वारा पैसा दिये जाने की वजह से जांच एजेंसियों की उलझन बढ़ गयी है. जांच एजेंसी अब संपत्ति खरीदने के दौरान चौबे के लिए पैसा दिये जाने के कारणों की जांच कर रही है.

 

 

 

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