Ranchi : कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए झारखंड सरकार ने सख्त कदम उठाया है. महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि जिन सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए. नियमों का पालन नहीं करने वाले नियोजकों पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा.
यह आदेश यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम-2013 की धारा-04 तथा उच्चतम न्यायालय के ऑरेलियानो फर्नांडीस बनाम गोवा राज्य (2023) के फैसले के आलोक में जारी किया गया है. समिति की अध्यक्ष एक वरिष्ठ महिला अधिकारी होंगी. इसके अलावा कम से कम दो कर्मचारी सदस्य और एक बाहरी सदस्य (एनजीओ प्रतिनिधि या विधिक विशेषज्ञ) शामिल करना अनिवार्य होगा। समिति के आधे सदस्य महिलाओं का होना जरूरी है.
सभी संस्थानों को समिति का विवरण संबंधित जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और रांची स्थित श्रमायुक्त कार्यालय में जमा करना होगा. सत्यापन के बाद जानकारी शी-बॉक्स पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जिससे महिलाओं को समयबद्ध न्याय और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके.
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