Ranchi : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) का 39वां दीक्षांत समारोह देशभर में आयोजित किया गया, जिसमें 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई. झारखंड की राजधानी रांची में यह कार्यक्रम डोरंडा कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, जहां रांची के 8804 विद्यार्थियों को डिग्री वितरित की गई.
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सीपी राधाकृष्णन ने ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि IGNOU अब केवल "डिस्टेंस कोर्स" नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा का एक सशक्त माध्यम बन चुका है.

डिग्री लेते हुए विद्यार्थी
उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाले संकट हमें नए सबक सिखाते हैं और किसी भी नकारात्मक घटना को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि अंततः परिणाम सकारात्मक हो सकता है.

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सीपी राधाकृष्णन
उन्होंने यह भी बताया कि IGNOU देश का पहला ओपन यूनिवर्सिटी है जिसे NAAC से A++ ग्रेड प्राप्त हुआ है. IGNOU ने देश को एकसूत्र में बांधने और शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होगी. उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और यह सपना अब दूर नहीं है.
राधाकृष्णन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जब आप विश्वास करते हैं तो आगे बढ़ते हैं, और जब आगे बढ़ते हैं तो सफलता हासिल करते हैं. आप ही देश के उज्ज्वल भविष्य की आशा हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जितना अधिक ज्ञान की खोज करेंगे, उतना ही हमारा मस्तिष्क विकसित होगा.

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू कार्यक्रम में हुए शामिल
कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए. रांची क्षेत्रीय केंद्र के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक शुभकांत मोहंती की देखरेख में आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
इस अवसर पर केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (CUJ) के कुलपति प्रो. सारंग मेधेकर भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इस दीक्षांत समारोह में 32 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि भी प्रदान की गई, जो IGNOU की उच्च शिक्षा में बढ़ती उपलब्धियों को दर्शाता है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment