- सफलता केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि संतुलित और खुशहाल जीवन भी है: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन
Ranchi: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची का 15वां वार्षिक दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित किया गया. समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की. वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, राज्यसभा के पूर्व उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार शामिल हुए.

इस अवसर पर कुल 558 छात्रों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में डिग्रियां प्रदान की गईं. इनमें 26 पीएचडी, 11 पीएचडी (एग्जीक्यूटिव) सहित MBA, MBA-HRM, MBA-BA, MBA (एग्जीक्यूटिव) और इंटीग्रेटेड प्रोग्राम (IPM) के छात्र शामिल रहे.

कार्यक्रम की शुरुआत अकादमिक प्रोसेशन से हुई, जिसमें गणमान्य अतिथियों, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, निदेशक एवं संकाय सदस्यों ने भाग लिया. मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति ने समारोह में टॉपर्स को मेडल और मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए. साथ ही स्टूडेंट सिटिजनशिप अवॉर्ड से सेजल ताओरी और प्रो. आशीष हजेला अवॉर्ड से देबोलिना मित्रा को सम्मानित किया गया.
इस मौके पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने छात्रों को ईमानदारी, जिम्मेदारी और समाज सेवा के मूल्यों को अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि सफलता केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि संतुलित और खुशहाल जीवन भी है.

वहीं, राज्यपाल संतोष गंगवार ने छात्रों से पारदर्शिता और मानवीय मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया. वहीं, राज्यसभा के पूर्व उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अवसरों को अपनाने के लिए कहा.

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने स्टार्टअप और MSME क्षेत्र में अपार संभावनाओं का जिक्र करते हुए छात्रों को “नेशन फर्स्ट” सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार ने IIM रांची को राज्य का गौरव बताते हुए छात्रों को निरंतर सीखने और चरित्र निर्माण पर ध्यान देने की बात कही.
पाठ्यक्रमों में दी गईं डिग्रियां
MBA: 251 छात्र
MBA-HRM: 62 छात्र
MBA-BA: 50 छात्र
MBA (Executive): 50 छात्र
IPM: 35 छात्र
PhD: 26 शोधार्थी
PhD (Executive): 11 शोधार्थी
संस्थान की उपलब्धियां
आईआईएम रांची के निदेशक प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संस्थान ने NIRF रैंकिंग में IIMs के बीच 9वां स्थान प्राप्त किया है और हाल ही में AMBA मान्यता भी हासिल की है. पिछले वर्ष 105 शोध पत्र प्रकाशित हुए और 102 कंपनियों ने प्लेसमेंट में भाग लिया. इस वर्ष अधिकतम घरेलू पैकेज 1.2 करोड़ रुपये वार्षिक रहा, जबकि MBA कार्यक्रम का उच्चतम पैकेज 52.9 लाख रुपये रहा.
संस्थान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए “Centre for Teaching with AI” की स्थापना की है और अब देश का पहला वर्चुअल रियलिटी केस रिपॉजिटरी भी लॉन्च किया गया है, जो ‘लिव्ड लर्निंग’ की नई अवधारणा को आगे बढ़ाएगा.
समारोह ने न केवल छात्रों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया, बल्कि उन्हें भविष्य के जिम्मेदार और नवाचारी नेतृत्व के लिए प्रेरित भी किया.
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