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Hazaribagh News: जीटी रोड पर हो रही अवैध वसूली, ट्रक मालिक का पुलिस पर आरोप

जीटी रोड पर चलाए जा रहे वाहन जांच अभियान के दौरान एक मालवाहक वाहन को रोके जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. नेपाल जा रही एक मालवाहक गाड़ी को चौपारण थाना क्षेत्र में रोककर जांच किए जाने के बाद वाहन संचालक ने पुलिस पर अवैध वसूली और इशारों में सौदेबाजी का आरोप लगाया है.
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Hazaribagh: जीटी रोड पर चलाए जा रहे वाहन जांच अभियान के दौरान एक मालवाहक वाहन को रोके जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. नेपाल जा रही एक मालवाहक गाड़ी को चौपारण थाना क्षेत्र में रोककर जांच किए जाने के बाद वाहन संचालक ने पुलिस पर अवैध वसूली और इशारों में सौदेबाजी का आरोप लगाया है. वहीं पुलिस ने वाहन के कागजात एवं चेसिस नंबर में गड़बड़ी मिलने का दावा करते हुए विधिसम्मत कार्रवाई की बात कही है. 

 

यादव रोड लाइंस के संचालक महेश यादव ने बताया कि उनकी मालवाहक गाड़ी संख्या WB-91C-8434 कोलकाता से माल लेकर नेपाल जा रही थी. इसी दौरान चौपारण थाना क्षेत्र में वाहन को रोककर जांच की गई. उनका आरोप है कि जांच के दौरान वाहन के चेसिस नंबर और कागजात को संदिग्ध बताया गया तथा बाद में अप्रत्यक्ष रूप से मामला "सेट" कर वाहन छोड़ने का संकेत दिया गया. उन्होंने दावा किया कि संबंधित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है.

 

महेश यादव के अनुसार, उनसे वाहन को टाटा मोटर्स ले जाकर चेसिस एवं दस्तावेजों की जांच कराने को कहा गया. उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब वाहन के सभी दस्तावेज वैध हैं तो अतिरिक्त जांच की आवश्यकता क्यों है. उनका कहना है कि यदि वाहन या कागजात में कोई कमी है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन सही दस्तावेज होने के बावजूद अनावश्यक रूप से परेशान करना उचित नहीं है. 

 

उन्होंने बताया कि संबंधित वाहन पूर्व में नागालैंड में पंजीकृत था, जिसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनके नाम स्थानांतरित किया गया है. वाहन के रजिस्ट्रेशन, बैंकिंग प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताएं संबंधित विभागों की जांच के बाद पूरी हुई हैं. उन्होंने कहा कि यदि दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी है तो संबंधित विभागों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. 

 

महेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन को थाना परिसर में खड़ा कर दिया गया और चालक से उसका मोबाइल फोन भी ले लिया गया, जिससे उनसे संपर्क बाधित हो गया. उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ अन्याय हुआ है तो वे न्यायालय की शरण लेंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे. 

 

वाहन संचालक ने यह भी सवाल उठाया कि वाहन के दस्तावेजों एवं तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए परिवहन विभाग, डीटीओ, एमवीआई और आरटीओ जैसे सक्षम विभाग मौजूद हैं. ऐसे में पुलिस द्वारा की जा रही जांच को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

 

इधर, चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वाहन के कागजात और चेसिस नंबर की जांच में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं. उन्होंने बताया कि मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है तथा वाहन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है. मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है. 

 

वहीं स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि वाहन जांच और सीजर अभियान के दौरान कुछ वाहनों से अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. ऐसे में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.वाहन संचालक ने प्रशासन से मांग की है कि उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग, वाहन के दस्तावेज, जांच प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो.

 

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