Dhiraj Singh/Sanjeet Yadav
Ranchi : रांची में अवैध जुए का कारोबार एक बार फिर सुर्खियों में है. शहर के अलग-अलग इलाकों में देर रात तक ताश, मटका और ऑनलाइन सट्टे के अड्डे सजने की सूचनाएं मिल रही हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय-समय पर छापेमारी के बावजूद यह धंधा पूरी तरह बंद नहीं हो पा रहा. सबसे गंभीर सवाल तब उठे थे जब 7 नवंबर 2019 को स्पेशल ब्रांच की जांच में पुलिस की भूमिका पर ही उंगली उठी थी.
लोगों का आरोप है कि समय-समय पर पुलिस की छापेमारी के बावजूद यह धंधा पूरी तरह बंद नहीं हो पा रहा है. बताया जा रहा है कि त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन तो छोड़िए, आम दिनों में भी रांची में जोरों पर जुए का खेल जारी है. जुआ खेलने वालों में युवाओं के साथ-साथ कुछ पुराने चेहरे भी शामिल बताए जा रहे हैं.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है. छापेमारी के बाद कुछ लोगों की गिरफ्तारी जरूर होती है, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर से वही खेल शुरू हो जाता है. इससे आसपास के लोगों में असुरक्षा और असंतोष का माहौल है.
सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि जुए के इस अवैध कारोबार पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए सख्त और लगातार कार्रवाई की जाए. उनका कहना है कि जुए की लत से कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और अपराध की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है. सूत्रों के अनुसार, कुछ खास स्थानों पर ताश और दांव पर बड़ी रकम लगाई जा रही है.
हाल के वर्षों में जिन इलाकों के नाम बार-बार सामने आए, उनमें शामिल हैं—
कोतवाली थाना क्षेत्र: सब्जी मंडी, गाड़ीखाना भुईया टोली, सेवा सड़क बड़ा तालाब के आसपास.
लोअर बाजार थाना: मेन रोड, कलाल टोली.
चुटिया थाना: पशु अस्पताल के पीछे का मैदान.
जगन्नाथपुर थाना: लीची बगान और मंदिर के पीछे; कुछ मटका संचालकों के सुखदेव नगर की ओर शिफ्ट होने की चर्चा.
सुखदेव नगर थाना: मधुकम, इंद्रपुरी रोड नं. 10, अलकापुरी खादगढ़ा सब्जी मंडी, किशोरगंज संस्कृत कॉलेज के आसपास.
पंडरा ओपी: आईटीआई बस स्टैंड, ओटीसी मैदान के आसपास.
लोअर बाजार-नामकुम बॉर्डर: मौलाना आजाद कॉलोनी पुल के दाहिने हिस्से में.
पिछले आंकड़ों पर गौर करें तो यह सवाल उठता है कि इतनी कार्रवाई होने के बाद भी आखिर क्यों अवैध जुए का कारोबार रांची जैसे बड़े शहर में बंद नहीं हो पा रहा है.
केस स्टडी
1. 7 नवंबर 2019: स्पेशल ब्रांच की जांच में खुलासा हुआ कि कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से जुए के अड्डे संचालित हो रहे थे.
2. 26 नवंबर 2023: पुलिस लाइन परिसर में जुए का खेल पकड़ा गया; एसएसपी के निर्देश पर छह गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन पुलिस की भूमिका पर सवाल कायम रहे.
3. 19 जुलाई 2025: बरियातू थाना क्षेत्र में ऑनलाइन जुआ रैकेट का भंडाफोड़; बिहार के युवाओं को अच्छी सैलरी पर रखकर ऑनलाइन खेल खिलाने का आरोप, 14 गिरफ्तार.
4.13 अगस्त 2025: रेडिएशन ब्लू में कार्रवाई, आधा दर्जन से अधिक लोग पकड़े गए.
5. 1 फरवरी 2026: सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस राकेश रंजन ने गैर-कानूनी जुआ गतिविधियों और ब्राउन शुगर के धंधे को संरक्षण देने के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों/कर्मचारियों को निलंबित किया.
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