Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

साहिबगंज में अवैध लॉटरी का खेल जोरों पर, कोटालपोखर थाना पर उठ रहे सवाल

जिले के कोटालपोखर बाजार में प्रतिबंध के बावजूद अवैध लॉटरी का कारोबार धड़ल्ले से जारी है. सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन 20 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन हो रहा है और सैकड़ों एजेंट गांव-गांव तक नेटवर्क फैलाकर नकली टिकट बेच रहे हैं. रोजाना 40 से 45 हजार तक टिकट छापे जाने की चर्चा है, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग के लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं.
Advertisement
Advertisement
  • वायरल ऑडियो ने खोली पोल, एसपी से कार्रवाई की मांग

Sahibganj : जिले के कोटालपोखर बाजार में प्रतिबंध के बावजूद अवैध लॉटरी का कारोबार धड़ल्ले से जारी है. सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन 20 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन हो रहा है और सैकड़ों एजेंट गांव-गांव तक नेटवर्क फैलाकर नकली टिकट बेच रहे हैं. रोजाना 40 से 45 हजार तक टिकट छापे जाने की चर्चा है, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग के लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं.

 

इस बीच कोटालपोखर क्षेत्र से एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया है. वायरल ऑडियो में कथित तौर पर थाना प्रभारी एक व्यक्ति को फटकारते और गाली देते सुनाई पड़ रहे हैं. ऑडियो में यह भी कहा जा रहा है कि “ऑडियो भेजिए, उसे बताते हैं”, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि जब क्षेत्र में खुलेआम अवैध कारोबार चल रहा है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही.

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि थाना प्रभारी को इलाके में चल रहे अवैध लॉटरी कारोबार की जानकारी नहीं है, तो यह गंभीर लापरवाही है; और अगर जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही, तो यह और भी चिंताजनक है. बाजार से लेकर पहाड़ी इलाकों तक फैले इस संगठित नेटवर्क पर पुलिस की चुप्पी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है.

 

ग्रामीणों ने तंज करते हुए कहा कि जब रोज लाखों का खेल चल रहा है और टिकट खुलेआम बिक रहे हैं, तो जिम्मेदार कौन है?” लोगों ने साहिबगंज एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, वायरल ऑडियो की सत्यता की पड़ताल और कोटालपोखर क्षेत्र में चल रहे अवैध लॉटरी कारोबार पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही